अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। पुलवामा आतंकी हमले के बाद किसी ने दो मिनट का मौन रखकर, तो किसी ने कैंडल मार्च निकालकर देश के वीर सपूतों को नमन किया। युवाओं में देशभक्ति का जज्बा जगाने और आजादी की लड़ाई से वर्तमान समय में शहीद हुए मां भारती के लालों को नमन करने के लिए कैमला का 23 वर्षीय अमित कुमार लगभग 1100 किलोमीटर दौड़ेगा।
अमित कुमार ने इसे रन फॉर शहीद का नाम दिया है। एथलीट अमित कुमार के मुताबिक उसकी यह मैराथन एक मार्च को पंचकूला से शुरू होगी और 23 मार्च को शहीदी दिवस पर करनाल में समाप्त होगी। इस दौरान अमित प्रतिदिन 50 किलोमीटर तक दौड़ेगा। देश की सरहदों पर वतन की रखवाली करते हुए अपने प्राणों तक को कुर्बान करने वाले वीर जवानों के सम्मान में कैमला गांव का युवक अमित कुमार रन फॉर शहीद मैराथन शुरू कर रहा है। अमित कुमार पंचकूला से अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, भिवानी, हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, कैथल से होते हुए करनाल समाप्त करेगा। अमित कुमार का कहना है कि आज हम जिस आजाद देश की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। यह आजादी की जिंदगी हमें ऐसे ही नहीं मिली, बल्कि हमारे बहुत से शहीदों के बलिदान की बदौलत मिली है जो चीज हमें बहुत ज्यादा मुश्किल से मिली हैं, उसे हमें कभी भी भूलना नहीं चाहिए। आज हमारे परिवार के किसी सदस्य के एक कांटा भी लग जाए तो पूरा परिवार परेशान हो जाता है, परंतु हमारे देश को गुलामी की बेड़ियों से आजाद करवाने के लिए कितने ही परिवारों के लाल मौत को गले लगा गए इस बात को हमें कभी भूलना नही चाहिए और रन फॉर शहीद उन्हीं देश के अमर जवानों के लिए है, जिन्होंने अपने देश की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।