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डस्टबिन खरीद की जांच करने पहुंचे एसडीओ व कनिष्ठ अभियंता बैरंग लौटे

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अमर उजाला ब्यूरो
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इंद्री (करनाल)। मूस्सेपुर गांव की सरपंच कविता रानी द्वारा डस्टबिन खरीद मामले में किए गए पंचायती फंड के दुरुपयोग मामले की जांच करने के लिए गांव पहुंचे पंचायती राज इंद्री के एसडीओ व कनिष्ठ अभियंता बिना जांच किए ही लौट गए। इससे नाराज ग्रामीणों ने सरपंच व एसडीओ के खिलाफ नारेबाजी कर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों ने बताया कि मूस्सेपुर गांव की सरपंच ने स्वच्छता अभियान के तहत गांव में 40 डस्टबिन 144000 हजार रुपये में खरीदे थे। जबकि सरकारी मूल्य अनुसार 40 डस्टबिन का मूल्य 47376 रुपये बनता है। आरोप है कि सरपंच ने जानबूझकर पंचायती फंड का दुरुपयोग किया है। सरपंच द्वारा न तो गांव में पूरे 40 डस्टबिन रखवाए गए हैं और न ही डस्टबिन का वजन सही है।
इस मामले की शिकायत ग्रामीण विजेंद्र कुमार ने एसडीएम इंद्री को देकर जांच की मांग की थी। विजेंद्र, सोनू कुमार, पंकज, प्रताप सिंह, प्रवीण कुमार, जोगिंदर सिंह, बलबीर सिंह, मेहर सिंह, सोमपाल, समय सिंह, गुलशन कुमार व कुलदीप सिंह ने बताया कि सोमवार सुबह एसडीओ गौरव भारद्वाज कनिष्ठ अभियंता सहित गांव में पहुंचे। लेकिन दोनों अधिकारी बिना जांच किए ही वापस लौट गए। यह देखकर ग्रामीणों ने एसडीओ व सरपंच के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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59 किलो की जगह 12.500 किलो का डस्टबिन
ग्रामीण सोनू और पंकज का आरोप है कि सरपंच कविता रानी द्वारा गांव में 59 किलोग्राम के वजन के हिसाब से 40 डस्टबिन रखवाए जाने थे, जबकि डस्टबिनों का वजन लगभग 12.500 किलोग्राम है। सरपंच कविता रानी ने कम वजन के डस्टबिन रखवाकर पंचायती फंड से अपनी जेब भरने का कार्य किया है।

अधिकारी भी सरपंच के साथ मिले : विजेंद्र
शिकायतकर्ता विजेंद्र का कहना है कि सरपंच कविता रानी ने डस्टबिन खरीदने में केवल अपना आर्थिक लाभ लेने के लिए हेराफेरी की है। तत्कालीन बीडीपीओ द्वारा सरपंच को रिकवरी के लिए नोटिस भेज दिया गया था। सरपंच ने आज तक पंचायती फंड में रुपये जमा नहीं करवाए और न ही उसके खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। इससे स्पष्ट है कि अधिकारी भी सरपंच के साथ मिले हुए हैं।

आरोप निराधार : रविदत्त
सरपंच कविता रानी के पति रवि दत्त ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। डस्टबीन खरीद में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है, सारा कार्य नियमों के अनुसार किया गया है।
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गए थे जांच करने, झगड़े की आशंका के चलते वापस आए : एसडीओ
इस बारे में पंचायती राज एसडीओ गौरव भारद्वाज ने कहा कि वह जांच करने के लिए गांव में जरूर गए थे, लेेकिन वहां पर झगड़ा होने के आसार के कारण हमें बिना जांच कि ही वापस लौटना पड़ा। जांच निष्पक्ष की जाएगी।
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