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चम्मच से थालियां बजाकर आशा वर्कर आज करेंगी ओएसडी कैंप का घेराव, 30 को जेल भरो आंदोलन में लेंगी भाग

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1167 आशा वर्कर धरने पर, आंगनबाड़ी वर्कर, वॉलेंटियर ने पिलाई पोलियो ड्रॉप
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
जिले में रविवार को एक तरफ पल्स पोलियो अभियान का पहला दिन था तो दूसरी तरफ आशा वर्कर का धरना। मांगें मनवाने के लिए जहां आशा वर्कर धरने पर डटी रहीं, वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग ने आंगनबाड़ी वर्कर्स और वॉलेंटियर की मदद से अभियान के पहले दिन करीब एक लाख 32 हजार बच्चों पोलियो रोधी दवा पिलाई।
आशा वर्कर्स के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जहां गर्भवती महिलाओं और जच्चा-बच्चा का समय पर चेकअप नहीं हो पा रहा है। वहीं रविवार को पल्स पोलियो अभियान के दौरान भी काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जानकारी के लिए बता दें कि जिले में 1167 आशा वर्कर हैं, जो 18 जनवरी से सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी हैं। प्लस पोलियो अभियान की बात करें तो जिलाभर में पांच साल तक के 206885 बच्चों को दवाई पिलाई जानी है। पहले दिन जिले में करीब एक लाख 32 हजार बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई गई।
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आशा वर्करों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रहेगी और इस दौरान वे थालियां बजाकर ओएसडी कैंप का घेराव कर सकती हैं। इतना ही नहीं जिला प्रधान सुदेश रानी ने सरकार को चेताया कि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों को नहीं माना तो वे 30 जनवरी को जेल भरो आंदोलन में भी बढ़चढ़ कर भाग लेंगी। रविवार को भी आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला प्रधान सुदेश रानी के नेतृत्व में सीएमओ कार्यालय पर धरना देने के बाद कमेटी चौक तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कमेटी चौक पर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। जिला प्रधान सुदेश रानी ने कहा कि आशा वर्कर गर्भवती महिलाओं का चेकअप कराती है, उन्हें डिलीवरी के लिए अस्पताल में लेकर आती हैं। जच्चा बच्चा की देखरेख करती है। इतना ही नहीं यदि कोई गर्भवती महिला रेफर होती है तो उसके साथ दूसरे अस्पताल में भी जाती है। स्वास्थ्य विभाग की हर योजना में आशा वर्कर का योगदान होता है। पल्स पोलियो अभियान में भी आशा वर्कर सबसे आगे होती है। इससे अलग कोई भी अभियान हो या फिर कोई सर्वे। लेकिन फिर भी सरकार उनकी अनदेखी कर रही है, इसे लेकर वर्कर्स में रोष है।
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12 दिन से चल रहा है धरना
जिला उपप्रधान सुमन सुभरी और मीना ने बताया कि वे 18 जनवरी से सीएमओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठी हैं। अगर सरकार ने आशा वर्करों का शोषण बंद नहीं किया तो सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल देंगी। वहीं सर्व कर्मचारी संघ ने भी आशा वर्करों की हड़ताल का समर्थन किया है। इस दौरान सुशील गुर्जर, रोशन गुप्ता, सुरेश कुमार, अशोक कुमार, राजबाला, बबली, सुमन, सुलोचना, सुनीता, कमला, संतोष, सीमा, रजनी, संगीता, ममता और सरला ने भी आशा वर्करों को संबोधित किया।
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