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फरवरी माह में दोबारा बांड सर्वे कराएगा शुगरफेड

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फरवरी में दोबारा बॉन्ड सर्वे कराएगा शुगरफेड : कथूरिया
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
गन्ना उत्पादक किसानों की प्रति एकड़ केवल 100 क्विंटल बॉन्ड भरने की समस्या प्रदेश सरकार दूर करने जा रही है। शुगरफैड ने फैसला लिया है कि फरवरी माह में दोबारा से रिवाइज्ड बॉन्ड सर्वे कराया जाएगा, ताकि किसानों के शेष गन्ने को मिल द्वारा लिया जा सके। गौरतलब है कि इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। गत 11 जनवरी के अंक में गन्ने का बढ़ा उत्पादन, किसानों के लिए बड़ी परेशानी के नाम से किसानों की समस्या प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस पर शुगरफैड ने संज्ञान लेते हुए दोबारा से सर्वे कराने का फैसला लिया है। यह सर्वे फरवरी में होगा और जिन किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है, उसे दोबारा से मिलों द्वारा बॉन्ड करके लिया जाएगा। बता दें कि सीजन से पहले मिलों द्वारा किसानों से गन्ने को लेकर बांड भरवाया जाता है। इसी के तहत किसानों को मिल से गन्ने की पर्ची मिलती है। इस बार मिलों द्वारा केवल एक एकड़ से 100 क्विंटल गन्ने का ही बॉन्ड भरा गया था, जबकि उत्पादन 400 क्विंटल तक हो रहा है।
सोमवार को विकास सदन में आयोजित प्रेसवार्ता में शुगरफैड चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने बताया कि बॉन्ड सिस्टम मामले को लेकर किसानों की दिक्कत संज्ञान में आई है, इसलिए प्रदेश में दोबारा से सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है। पहले की सरकारों में जो किसान बॉन्ड से कम गन्ना देता था, मिल उस पर पेनेलटी भी लगाता था, लेकिन अब ये सिस्टम भी बंद कर दिया गया है। वहीं किसानों को पर्ची के लिए लाइनों में नहीं लगना पड़ता, बल्कि किसान के फोन पर एसएमएस के माध्यम से दी जाती है। शेष गन्ने को लेने के लिए दोबारा से सर्वे होगा और किसानों का पूरा गन्ना मिल लेंगे।
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एक सवाल के जवाब में कथूरिया ने कहा पहली बार प्रदेश के सभी शुगर मिल सात नवंबर से पहले ही चलाए गए और जब तक किसानों का पूरा गन्ना नहीं लिया जाता तब तक चलेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि संबंधित जिले के किसानों का बाहर न जाना पड़े, अगर कहीं पर ज्यादा गन्ना होता है तो उसे आसपास के मिलों के साथ जोड़ा जाएगा। कथूरिया ने बताया कि वर्ष 2015-16 में मिलों का घाटा 465 करोड़ था, जो वर्ष 2016-17 में यह घाटा 175 करोड़ रह गया है। आने वाले दिनों में इस घाटे को और कम करके मिलों को फायदे में लाया जाएगा।


मिल और सड़क का श्रेय केवल सीएम को
शुगर मिल के नवीनीकरण और मेरठ रोड का चौड़ा करने को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा श्रेय लेने की होड़ के सवाल पर चेयरमैन ने कहा कि नेताओं में किसी भी प्रकार की होड़ नहीं है। यह श्रेय केवल मुख्यमंत्री को जाता है। कथूरिया ने कहा कि पिछले 20 साल की मांग को उन्होंने ही सिरे चढ़ाया है। इसके अलावा मंच के माध्यम से हमारे द्वारा मेरठ रोड को चौड़ा करने की मांग की थी, जिसे सीएम ने तुरंत मंजूरी दे दी। ये दोनों प्रोजेक्ट केवल सीएम के कारण मिले हैं।


पानीपत, सोनीपत और जींद में लगेंगे नये प्लांट
कथूरिया ने कहा कि करनाल के शुगर मिल को लेकर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार है। टेंडर होने के बाद से एक साल में नया मिल तैयार हो जाएगा। इस पर करीब 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे, 100 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। जल्द ही पानीपत की शुगर मिल का भी शिलान्यास होगा, इसके लिए अभी तैयारी की जा रही हैं। इसके अलावा, सोनीपत और जींद में भी नई शुगर मिल लगेगी।
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भीड़ ने साबित किया किसान मनोहर लाल के साथ
एक सवाल के जवाब में शुगरफैड चेयरमैन चंद्रप्रकाश कथूरिया ने कहा कि करनाल शुगर मिल का शिलान्यास करके मुख्यमंत्री ने किसानों का सच्चा हितैषी होने का प्रमाण दिया है। सीएम के स्वागत में सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियों में पहुंचे किसानों ने साबित कर दिया कि प्रदेश का किसान सीएम मनोहर लाल के साथ है। गौरतलब है कि चेयरमैन बनते ही कथूरिया ने नए शुगर मिल को लेकर काफी प्रयास किए। इस अवसर पर शुगर मिल के एमडी प्रद्युमन सिंह, मिल निदेशक सोमपाल लोहट, रतन सिंह और विक्रम सिंह, शहरी मंडल अध्यक्ष प्रवीन लाठर और संजय राणा आदि मौजूद रहे।
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