शिकायतकर्ताओं की भीड़ देख मंत्री बोले, इसका मतलब अधिकारी नहीं सुनते लोगों की समस्याएं
-कष्ट निवारण समिति की बैठक में रखे गए दस एजेंडों के अलावा भी भारी संख्या में पहुंचे शिकायतकर्ता
जिले के अधिकारियों को मंत्री की चेतावनी, समस्या का समाधान नहीं कर सकते तो कुर्सी पर बैठने का फायदा नहीं
फोटो संख्या-19,20लीड
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पंचायत भवन में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में केवल 10 शिकायतें ही रखी गई थी, लेकिन पंचायत भवन का पूरा हाल शिकायतकर्ताओं से भरा हुआ था। समिति के सदस्यों व अधिकारियों के अलावा सभी कुर्सियों पर शिकायतकर्ता बैठे थे, कई पीछे खड़े थे। सुबह 10.30 बजे जैसे ही श्रम एवं रोजगार मंत्री नायब सिंह सैनी भवन में पहुंचे तो भारी संख्या में शिकायकर्ताओं की भीड़ देखकर चौंक गए। बैठक शुरू होते ही मंत्री ने कड़े लहजे में जिले के अधिकारियों की खिंचाई की। मंत्री सैनी ने कहा कि अधिकारी अपने कार्यालयों में लोगों की शिकायत नहीं सुनते, इसलिए लोगों को अपने समस्याओं के निराकरण के लिए खुले दरबारों में आना पड़ रहा है। बैठक में कई ऐसे मामले आए हैं, जिनका शिकायतकर्ताओं ने सीएम विंडों से निराकरण करवाने के लिए आवेदन किया था, परन्तु अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल सका, लेकिन ये ज्यादा दिन नहीं चलेगा। अच्छा होगा अधिकारी अपना व्यवहार बदल लें और जनता से तालमेल कर उनकी शिकायतें प्रमुखता से निपटाएं। अधिकारी आम जनता को संतुष्ट करें, यदि अधिकारी ऐसा भी नहीं कर सकते तो उनका कार्यालय की कुर्सी पर बैठने का कोई फायदा नहीं। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में आगाह किया कि यदि भविष्य में जनता खुले दरबारों में इतनी समस्याएं लेकर आएगी तो अधिकारियों की कारगुजारी पर संदेह होगा। मासिक बैठक मंत्री ने 10 मामलों में से 6 मामलों को मौके पर ही निपटान कर दिया और शेष 4 मामलों की पुन: जांच के लिए उच्च अधिकारियों को निर्देश दिए। मंत्री ने एजेंडा से अलग दर्जनों लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को इन समस्याओं को शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही ये भी आदेश कि अधिकारी 11 से 12 तक अपने कार्यालयों में लोगों की समस्याएं सुनें। इस मौके पर असंध के विधायक सरदार बख्शीश सिंह विर्क, नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, भाजपा के जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद, उपायुक्त डा. आदित्य दहिया, नगर निगम की आयुक्त डा. प्रियंका सोनी, अतिरिक्त उपायुक्त निशांत कुमार यादव, कृष्ण गर्ग, योगेन्द्र राणा, दर्शन सहगल, मीना कांबोज, रजनी चुघ, जगदेव पाढ़ा, जयपाल शर्मा, बलविंद्र सिंह, दलबीर सिंह, जनक पोपली, रणबीर गोयत, अमन विर्क, कवलजीत मढ़ान, अमर ठक्कर, बीजेपी एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष कृष्ण भुक्कल सहित भी उपस्थित रहे।
एक साल लगा एरियर लेने में, जांच के आदेश
प्रेम नगर वासी नीरज आनंद ने शिक्षा अधिकारी पर आरोप लगाया कि उनके पिता का पेंशन व एरियर संबंधित लेन-देन था, जिसका समय पर अधिकारियों ने कोई हल नहीं किया। पिछले एक साल से इस न्याय के लिए वह हर उच्च अधिकारी के कार्यालय में गया, परन्तु उनकी समस्या का कोई हल नहीं हुआ, अंत में जिला कष्ट निवारण की बैठक में मामला आने पर उन्हें आशा की उम्मीद नजर आई और जैसे ही उनका मुद्दा समिति में आया तो अधिकारियों ने तुरंत समाधान भी कर दिया। पीड़ित की आपबीती सुनकर राज्यमंत्री ने शिक्षा अधिकारी सरोजबाला गुर को निर्देश दिए कि इस पूरे मामले की डिटेल अगली बैठक में दें, यह मामला इतना लम्बा किस कारण से वह किसी अधिकारी के कारण हुआ है, ताकि उस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की जा सकें।
प्लाट पर हो गया कब्जा, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
बैठक में बिजना गांव के जोगिंद्र सिंह ने शास्त्री नगर वासी भगवान दास पर आरोप लगाया कि उन्होंने धोखाधड़ी से उनके प्लाटों पर कब्जा कर लिया व बिना उनकी मर्जी से किसी अन्य को बेच दिया, जब भगवान दास से प्लाट के पैसे मांगे तो उन्होंने देने से इंकार कर दिया। इस बारे में पुलिस में रिपोर्ट की गई, परन्तु इस मामले में पुलिस द्वारा भी कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। फरियादी की बात सुनकर मंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग को प्लाट के सभी कागजात उपलब्ध करवाए, उच्च अधिकारी इस मामले की पुन: जांच करें। मंत्री ने इस मामलों को लंबित रखने के आदेश दिए।
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घटिया सामग्री लगाने के आरोप, सैंपल लेने के आदेश
इसी प्रकार ग्राम पंचायत ब्रास के पंच जसविन्द्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, मीना कुमार व प्रवेश कुमार ने सरपंच कर्मचन्द पर विकास कार्यों में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग करने का आरोप लगाया। जांच रिपोर्ट में बीडीपीओ ने मंत्री को बताया कि शिकायत कर्ताओं की मांग पर सामग्री का सैंपल भरवाकर लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे, सेंपल जांच के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी। मंत्री ने इस मामले की जांच पूरी होने तक लंबित रखने के निर्देश दिए।