नगर निगम ने गांव उचानी में छुड़वाया कब्जा
फोटो संख्या-8अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नगर निगम के विशेष अवैध निर्माण तोड़-फोड़ दस्ते ने बुधवार को गांव उचानी में खसरा नम्बर 124 की 635 वर्ग गज जमीन को कब्जा मुक्त करवाने की कार्यवाही को अंजाम दिया। गांव की मेन रोड़ पर स्थित निगम की इस जमीन पर गांव के ही लक्ष्मण पांचाल व अमरनाथ काफी समय से काबिज थे और इस पर कुछ अवैध निर्माण भी किए हुए थे, जिनसे अब कब्जा खाली करवा लिया गया है। निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि कब्जा हटवाने की कार्यवाही स्थानीय जिला न्यायालय के सिविल जज की कोर्ट से प्राप्त आदेशों के बाद शुरू की गई। इससे पहले, बीती 13 जून को दोनों कब्जाधारियों को नगर निगम द्वारा कब्जा खाली करने का प्रथम नोटिस दिया गया था। तत्पश्चात 16 जून को निगम कार्यालय में इन लोगों को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया। परन्तु उपरोक्त व्यक्तियों ने स्थानीय न्यायिक परिसर के सिविल जज (जूनियर डिविजन) की कोर्ट में केस दायर कर दिया, जिस पर संबंधित कोर्ट ने जमीन पर कब्जे को लेकर यथास्थिति बने रहने के आदेश दे दिए, लेकिन बीती 10 अक्तूबर, 2017 को न्यायालय द्वारा यथास्थिति के आदेशों को रद्द कर दिया गया। इसे लेकर उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा न्यायालय में अपील दायर की गई। परन्तु जज की ओर से दिए गए निर्णय में बीती 3 नवंबर को दायर की गई अपील भी खारिज कर दी गई और इसके एक सप्ताह के बाद नगर निगम की इस भूमि से अवैध कब्जा छोड़ने के आदेश पारित कर दिए गए, परंतु उपरोक्त व्यक्तियों ने आदेशों की पालना नहीं की। परिणामस्वरूप नगर निगम द्वारा बीती 21 नवंबर को स्पैशल डैमोलिशन स्क्वैड को निर्देश जारी किए कि वे उचानी गांव में जाकर सरकारी जमीन से तत्काल कब्जा हटाने की कार्यवाही करें। आयुक्त ने बताया कि कब्जा हटाने की कार्यवाही को अमल में लाने के लिए उपायुक्त करनाल की ओर से तहसीलदार श्यामलाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया तथा उनकी अगुवाई में पुलिस बल व निगम के तोड़-फोड़ दस्ते ने सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करने की कार्यवाही की। उन्होंने बताया कि खाली की गई जमीन पर सामुदायिक केंद्र बनाने के निर्देश निगम की इंजीनियरिंग शाखा को दे दिए गए हैं। तोड़फोड़ दस्ते की टीम में निगम के उप नगर योजनाकार धर्मपाल सिंह, नायब तहसीलदार राम कुमार, जेई ललित पाठक, भवन निरीक्षक विकास अरोड़ा व राजेश कुमार भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि निगम की जमीन को कब्जा मुक्त करवाने की कार्यवाही में वार्ड नम्बर-1 के पार्षद बाघ सिंह कंा भी अहम योगदान रहा। आयुक्त ने यह भी बताया कि जो व्यक्ति निगम के अधीन सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश करेगा, उस पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सख्ती से निपटा जाएगा।