फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मांगें मनवाने के लिए गरजी आंगनवाड़ी वर्कर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
मांगें मनवाने के लिए गरजीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने मांगों को लेकर सोमवार को प्रदर्शन किया। फव्वारा पार्क से जिला सचिवालय तक वर्कर्स और हेल्पर्स ने नारेबाजी की। यहां नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। यूनियन ने चेताया है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी। मांगें मनवाकर ही दम लेंगी।
प्रदर्शनकारी वर्करों को प्रांतीय महासचिव शकुंतला, कार्यकारी अध्यक्ष मधु शर्मा, कोषाध्यक्ष महाबीर प्रसाद, सीटू के प्रांतीय महासचिव जयभगवान व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव कृष्ण शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धरने प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक व जनतांत्रिक अधिकार है। सरकार ने आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में 1072 रुपये की बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी, जिसे आज तक लागू नहीं किया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया भी नहीं दिया जा रहा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 14 जून को धरने प्रदर्शनों पर रोक लगाने के निर्णय का जो पत्र जारी किया गया है व संविधान और जनतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस अवसर पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान ओमप्रकाश सिहमार, सतपाल सैनी, सुशील गुर्जर, सीटू नेता कलीराम, आनंद ज्वाहरा, जोगा सिंह, चुडिय़ा राम ने भी वर्करों को संबोधित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये हैं मांगें
आंगनबाड़ी सेविकाओं को तृतीय और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी दर्जे का कर्मचारी बनाया जाए तब तक न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये मिले, न्यूनतम वेतन पेंशन व सामाजिक सुरक्षा के लाभ मिले, शहरों में आंगनबाड़ी केंद्र का किराया छह हजार रुपये और गांवों में तीन हजार रुपये किया जाए। साथ ही सरकारी स्कूलों की तरह गर्मी व सर्दी की छुट्टियां मिले, आंदोलन न करने का अलोकतांत्रिक पत्र रद्द किया जाए, हेल्पर की वर्दी का रंग बदला जाए, राशन की सप्लाई मैन्यु के हिसाब से हो और पूरे तोल के अनुसार दिया जाए, सोनीपत में बर्खास्त वर्कर्स को बिना शर्त तुरंत बहाल किया जाए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें