फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम सिटी में डेंगू की दहशत- निगम ने फोगिंग के नाम पर खर्च किए पांच लाख, फिर भी हर घर में डेंगू

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। सीएम सिटी में डेंगू के मरीजों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं, नगर निगम का दावा है कि फॉगिंग में पांच लाख रुपये भी खर्च किए जा चुके हैं, जबकि शहरवासियों का आरोप है कि नगर निगम ने नाम मात्र ही फॉगिंग की है। लोगों का कहना है कि लगभग हर घर में डेंगू फैला हुआ है।
वहीं बात की जाए अस्पतालों की तो वहां भी हालत बिगड़ी हुई है। अस्पताल में बेड न होने के कारण लोग घरों से फोल्डिंग लेकर अस्पताल में जा रहे हैं और इलाज करा रहे हैं। साढ़े चार लाख की आबादी वाले सीएम सिटी में लाखों लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी तक 92 मरीजों को ही डेंगू बता रहा है।
विज्ञापन

इतना ही नहीं जिले भर में दस से ज्यादा लोगों की जान भी इस बुखार में जा चुकी है, लेकिन इसकी स्वास्थ्य विभाग के पास कोई जानकारी नहीं हैं। दोनों ही विभाग डेंगू की रोकथाम के लिए निरंतर कार्य करने का दावा कर रहे हैं। फिर भी सीएम सिटी में हर घर में डेंगू के मरीज हैं। शहर के लोगों को डेंगू की दहशत बढ़ती जा रही है।


पूरे परिवार को हुआ डेंगू, घर में पालने लगे बकरी
घोघड़ीपुर गांव में देवेंद्र के घर में सभी सदस्य डेंगू के चपेट में आ गए और प्लेटलेट्स कम हो गई है। अस्पताल में गए तो इलाज के साथ डॉक्टर ने बकरी का दूध पीने की सलाह दे दी, लेकिन बकरी के दूध कहीं नहीं मिला तो देवेंद्र बकरी खरीद कर घर ले आया, ताकि पूरा परिवार बकरी का दूध पी सके। अब देवेंद्र के घर बकरी का दूध लेने के लिए लोगों की लाइन लगी रहती है।

नगर निगम ने लेट शुरू की फॉगिंग, हमारी गली में अभी तक एक बार ही हुई फॉगिंग
राम नगर निवासी रिटायर्ड पीआरओ केयूके देवेंद्र सचदेवा ने कहा कि नगर निगम ने फॉगिंग करने में लापरवाही बरती है। यदि निगम समय पर ही मई जून महीने में फॉगिंग शुरू कर देता तो शहर में ये हालात नहीं होते। उनकी गली में भी अभी तक एक बार फॉगिंग हुई है वो भी इसी सप्ताह मंगलवार को। हालांकि नगर निगम जून में फॉगिंग करने का दावा करता है, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।


कागजों में ही कर दी पांच लाख रुपये की फॉगिंग
कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता सरदार त्रिलोचन सिंह ने कहा कि नगर निगम ने कागजों में ही पांच लाख रुपये की फॉगिंग की है। हकीकत तो यह है कि नगर निगम के कुछ जगह पर ही फॉगिंग की है। सीएम सिटी में सरकारी अस्पताल से लेकर प्राइवेट सभी में डेंगू के मरीज दाखिल हैं, हर घर में डेंगू है। भाजपा सरकार पद यात्रा के दौरान यदि अस्पतालों को दौरा कर लेते तो उन्हें हकीकत का पता चल जाता।

80 से बढ़कर 92 हुए डेंगू के मरीज
डिप्टी सीएमओ और जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. सरोज ने बताया कि डेंगू के 12 मरीज और सामने आए हैं। अभी तक कुल 92 मरीजों को डेंगू की हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक 525 लोगों के ब्लड के सैंपल आए थे जिन्हें संदिग्ध डेंगू था, जिनकी जांच कराई गई तो 92 मरीज ही डेंगू पॉजिटिव मिले। प्राइवेट लैब संचालक कार्ड से डेंगू टेस्ट करते हैं जो मान्य नहीं होता, एलाइजा टेस्ट से ही डेंगू की पुष्टि होती है। विभाग की टीमें घर-घर जाकर एंटी लारवा एक्टिविटी कर रही है।
विज्ञापन



निगम द्वारा शहर में जून से ही फॉगिंग कराई जा रही है, निगम के पास छह फॉगिंग की मशीनें हैं। अलग-अलग टीम अलग-अलग स्थानों पर फॉगिंग कर रही हैं। फॉगिंग करते हुए कि फोटो और पूरा शेड्यूल भी निगम के पास है जहां-जहां फॉगिंग की गई है।
-धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम करनाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें