अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (घरौंडा)। फुरलक गांव में वायरल बुखार की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर मरीजों के खून के नमूने लिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने माना कि गांव में वायरल बुखार के मरीज ज्यादा है। ब्लड स्लाइड की रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फुरलक के सरकारी स्कूल में भी शिक्षकों के साथ-साथ दर्जनों विद्यार्थी भी वायरल की चपेट में है। जिस वजह से न तो अध्यापक स्कूल में पहुंच रहे है और न ही विद्यार्थी। बुखार को लेकर विद्यार्थियों में भी दशहत का माहौल है। सोमवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर हेल्थ इंस्पेक्टर ओम सिंह के नेतृत्व में चार टीमें फुरलक गांव पहुंची। टीमों ने अलग-अलग एरिया में ब्लड स्लाइड बनाने का अभियान शुरू किया। स्वास्थ्य विभाग की टीमें दो दिनों तक स्थिति का जायजा लेगी। पहले दिन टीम के सदस्यों ने 323 घरों की विजिट की। 104 मरीजों की ब्लड स्लाइड तैयार की। साथ ही 97 घरों में रखे कूलर, फ्रिज, पानी की टंकी में लारवा की जांच की। हालांकि लारवा किसी भी घर से नहीं मिला। हेल्थ इंस्पेक्टर ओम सिंह ने ग्रामीणों को वायरल बुखार के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वायरल बुखार संक्रामक है, जो स्वस्थ व्यक्ति को वायरल से पीड़ित व्यक्ति से हो सकता है। इसका असर लगभग एक सप्ताह तक रहता है।
सर क्लास रूम में काटते हैं मच्छर
गांव के सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल देवा सिंह, ड्राइंग टीचर राकेश कुमार, बायो लेक्चरर मेघा सैनी, कंप्यूटर टीचर अभिमन्यु, पॉलिटिकल साइंस लेक्चरर व प्रवीन कुमार सहित स्कूल के पांच दर्जन से ज्यादा विद्यार्थी वायरल बुखार की जद में है। वायरल बुखार से पीड़ित अध्यापक तीन-चार दिन से छुट्टी पर है। वहीं बुखार से पीड़ित कुछ बच्चे स्कूल आ रहे है तो कुछ ट्रीटमेंट लेकर घरों में आराम कर रहे है। छात्रा दुर्गा, तन्नु, प्रियंका, कोमल, शिवानी, मीनू, छात्र सौरभ, सुनील, अंकुश व अन्य का कहना है कि स्कूल में मच्छरों की भी भरमार है। क्लास रूम में पढ़ाई के दौरान मच्छर उनको काटते रहते है। स्कूल के अध्यापकों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्कूल का दौरा किया था लेकिन अभी तक गांव में फॉगिंग तक नहीं हुई न ही मच्छर मारने की दवाई का छिड़काव किया गया है। करीब एक सप्ताह पूर्व स्कूल प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को इस संबंध में पत्र भी लिखा गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। वायरल बुखार पर नियंत्रण के लिए बच्चों को पीसीएम टेबलेट दी जा रही है।
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गांव में वायरल बुखार के केस मिले है। चार टीमों के जरिये गांव के 323 घरों का विजिट किया गया है। 104 मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई गई है। साथ ही 97 घरों में रखे फ्रीज, कूलरों व पानी की टंकियों में लारवा की जांच की है। हालांकि लारवा किसी भी घर में नहीं मिला है। स्लाइड रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। मंगलवार को भी टीम गांव में स्लाइड बनाने का काम करेगी।
-ओम सिंह, हेल्थ इंस्पेक्टर।