अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिक्रमा में पड़ने वाले तीर्थ स्थलों के विकास एवं जीर्णोद्घार में शुक्रवार को उस समय एक नया अध्याय जुड़ गया जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 5 जिलों कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत व जींद जिलों के महाभारत, रामायण व वामन पुराण में वर्णित 134 तीर्थ स्थलों के प्राचीन, धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व के दृष्टिगत इनके जीर्णोद्धार की घोषणा की। उन्होंने जिले के 13 तीर्थ स्थलों का एक साथ दौरा कर इनमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के माध्यम से लगभग 18.39 करोड़ रुपये से विकास कार्यों को करवाने की घोषणा की। करनाल जिले के 13 तीर्थ स्थलों में मुख्यमंत्री शुक्रवार को विमलसर तीर्थ सग्गा से अपने दौरे की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि करनाल जिले में 48 कोस की परिधि में कुल 22 तीर्थ स्थल पड़ते हैं, परंतु 13 तीर्थ स्थलों का एक साथ दौरा करने का उनका कार्यक्रम तय हुआ था। डाचर तीर्थ स्थल के दौरे के दौरान जब मुख्यमंत्री को इस बात की जानकारी दी कि इस गांव का दौरा करने वाले वे हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री हैं, इससे पूर्व 52 वर्षों के हरियाणा गठन के बाद किसी भी मुख्यमंत्री ने यहां का दौरा नहीं किया था। उन्होंने कहा कि अभी करनाल के तीर्थ स्थलों की घोषणा हुई है और शीघ्र ही पानीपत, कैथल व जींद जिलों में पड़ने वाले तीर्थ स्थलों का भी जीर्णोद्धार की घोषणा की जाएगी, जिसके लिए शीघ्र ही वे इसी प्रकार का दौरा करेंगे।
कुरुक्षेत्र व जींद के बीच चलाई जाएंगी दो विशेष बसें
सीएम ने कहा कि कुरुक्षेत्र जिले में इन तीर्थ स्थलों का भ्रमण करवाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए 2 बसें चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र व जींद के बीच दो विशेष बसें चलाई जाएंगी, जो दो दिन तीर्थ यात्रियों को 48 कोस की परिधि में पड़ने वाले पांचों जिलों के तीर्थ स्थलों का दौरा करवाएंगे, जिसकी शुरुआत शुक्रवार को कुरुक्षेत्र से की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तीर्थ स्थलों में महिमा पट्ट, शौचालय, महिलाओं के लिए अलग से घाट, सीढ़ियों का भक्तजनों की सुविधा के अनुसार निर्माण, सरोवरों में जल निकासी का प्रावधान के साथ-साथ चारदीवारी, पार्किंग व्यवस्था व हाईमास्ट लाइटें लगवाई जाएंगी।
सीएम ने इस तीर्थों का किया दौरा
मुख्यमंत्री ने विमलसर तीर्थ सग्गा, पराशर तीर्थ बहलोलपुर, वेदवती तीर्थ सीतामाई, व्यास स्थली बस्थली, त्रिगुणानंद तीर्थ गुनियाना, मित्रक तीर्थ निसिंग, गौतम ऋषि तीर्थ/गवेन्द्र तीर्थ गोंदर, दक्षेश्वर तीर्थ डाचर, जमदग्रि कुंड जलमाना, धनक्षेत्र तीर्थ असंध, दशाश्वमेघ तीर्थ सालवन, कोटि तीर्थ कुरनल व पंचदेव तीर्थ पाढ़ा का दौरा किया।
बस्तली में बनेगा खेल स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र के लिए विकास कार्यों की घोषणाएं भी की। उन्होंने गांव वालों की मांग पर बस्तली में खेल स्टेडियम नाम महर्षि व्यास के नाम पर रखने की घोषणा भी की। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री असंध दौरे के दौरान लोगों की मांग पर सालवन गांव को बल्ला तहसील से असंध तहसील में शामिल करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने तीर्थ स्थलों पर पौधरोपण भी किया। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, असंध के विधायक स. बख्शीश सिंह विर्क, मुख्यमंत्री के ओएसडी अमरेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष जगमोहन आनंद, महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. वीरेन्द्र चौहान, पूर्व मेयर रेणू बाला गुप्ता, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ संयम गर्ग, सदस्य सचिव मदन मोहन छाबड़ा, सदस्यों में विजय नरूला, केसी रंगा, श्याम बंसल, प्रो. सुचि सुमिता, उपेंद्र सिंघल, योगेन्द्र राणा, राजवीर शर्मा, ठाकुर यशपाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।