अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नई अनाजमंडी में डायरिया व वायरल बुखार से 6 मजदूरों की मौत के बाद शुुक्रवार को दोबारा मजदूरों ने मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव कर दिया और मृतक मजदूरों के परिजनों को मुआवजा कितना दिया जाएगा इसका जवाब मांगने लगे। इसके बाद करीब दो घंटे तक मार्केट कमेटी कार्यालय में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री जंग बहादुर यादव, प्रदेश महामंत्री हनुमान गोदारा, पंचायत नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान रजनीश चौधरी, सचिव राजेंद्र गुप्ता, मंडी सचिव व तहसीलदार के बीच मामले को लेकर बातचीत हुई। इसके बाद निर्णय लिया गया कि दो अक्तूबर को मजदरों को सीएम से मिलाया जाएगा और उचित मुआवजे की बात की जाएगी। इसके बाद तहसीलदार व मजदूर संगठन के मंत्री जंगबहादुर ने मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पताल में दाखिल मरीजों के लिए क्या व्यवस्था की गई है इसका निरीक्षण किया।
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आज आएगी पानी की रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुुक्रवार को भी पानी के तीन सैंपल लिए, जिनकी रिपोर्ट शनिवार को आएगी। अभी तक विभाग सात पानी के सेंपल ले चुका है। वहीं डॉक्टरों ने मजदूरों का चेकअप किया और उन्हें दवा वितरित की। इसके साथ ही मंडी में एक एंबुलेस भी खड़ी की है ताकि किसी मजदूर की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तुरंत अस्पताल में दाखिल कराया जा सके।
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मृतकों को देंगे 50-50 हजार की आर्थिक सहायता
सरकार की तरफ से मृतक मजदूरों की सहायता राशि की घोषणा न होने के चलते आढ़तियों व राइस मिलरों ने आपस में बैठकर बातचीत की, बातचीत में राय बनी कि मृतक मजदूरों को फौरी तौर पर 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की जाएगी। साथ ही बीमार मरीजों के लिए दवाइयों की व्यवस्था भी मंडी आढ़ती उठाएंगे। यह विचार करनाल राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान विनोद गोयल ने सबके समक्ष रखा, जिस पर सभी ने सहमति जताई।