फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंद्री में बेधड़क और धड़ाधड़ काटी जा रही अवैध कालोनियां

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

इंद्री (करनाल)।
इंद्री के चारों तरफ अवैध कॉलोनियों का का मकड़ जाल फैल रहा है। बेधड़क और धड़ाधड़ अवैध कालोनियां काटी जा रही हैं, इनके खिलाफ प्रशासन द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। कोलोनाइसर्ज और नगरपालिका और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इन कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने और बेचने के सौदे हो रहे हैं। इंद्री के समीप गांव फूसगढ़ के पास अवैध कॉलोनी विकसित हो रही है। वहीं, दूसरी तरफ इंद्री के इंद्रगढ़ रोड पर अवैध कॉलोनी काट कर कोलोनाईजर प्लॉट बेच रहे हैं। इसके अलावा, शहर के चारों तरफ कॉलोनियों काटी जा रही हैं।
बता दें कि अवैध कॉलोनी काटने और उसके विकसित होने पर सरकार द्वार रोक लगाई गई है। इसको लेकर सरकार द्वारा कई बार प्रदेश के प्रत्येक उपायुक्त, नगर निगम, नगरपालिका, डीटीपी और बिजली विभाग आदि विभागों को पत्र जारी किए जा चुके हैं कि अवैध कॉलोनियों को किसी भी कीमत पर पनपने न दिया जाए। साथ ही न ही अवैध कॉलोनी के अंदर बिजली कनेक्शन जारी किए जाएं। इसके बावजूद इंद्री में अवैध कॉलोनियां नियमित रूप से विकसित हो रही हैं।
विज्ञापन


अवैध कॉलोनियों में बनी पक्की गलियां
जहां एक ओर नगर पालिक को अवैध कॉलोनी के विकसित होने पर रोक लगानी होती है, वहीं मजे की बात है कि इंद्री नगरपालिका द्वारा पक्की गलियों का निर्माण करवाया जा रहा है। इसकी वजह से कोलोनाईजर प्लॉटों को दो गुने दामों में बेच कर मुनाफाखोरी में जुटे हुए हैं। नगर पालिका द्वारा ऐसे कई विकास कार्य अवैध कॉलोनियों में कराए गए हैं।

लेनी होती है सीएलयू
नियम और शर्तें किसी भी कृषी योग्य भूमि पर कॉलोनी काटने से पूर्व जिला नगर योजनाकार से सीएलयू लेनी होती है। इसके बाद कोलोनाईजर द्वारा लाइसेंस बनवाकर ईडीसी इत्यादि अन्य कई तरह की फीस डीटीपी कार्यालय में जमा करवानी होती है, परंतु इंद्रगढ़ रोड और इंद्री लाडवा रोड पर गांव फूसगढ़ के पास काटी गई कॉलोनी के लिए कोलोनाईजर द्वारा विभाग से सीएलयू नहीं ली गई है। इसके कारण कालोनाईजर द्वारा सरकार को चूना लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो इंद्री के वार्ड नंबर एक के समीप बनी अवैध कॉलोनी में कुछ व्यक्तियों ने अपनी भूमि को लाल डोरा में दिखाकर भवन नक्शे पास करवा लिए हैं। यदि भवन नक्शा की पूरी फाइलों की जांच की जाए तो कई अधिकारी नप सकते हैं।

बिना जांच के निगम दे रहा बिजली कनेक्शन
जहां एक ओर निगम के एसई, एक्सईएन और एसडीओ को सरकार द्वारा आदेश दिए गए है कि अवैध कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन जारी न किया जाए। वहीं, निगम इंद्री के एसडीओ सहित संबंधित कर्मचारी बिना कोई जांच पड़ताल किए अवैध कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन जारी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त नियम अनुसार बिजली कनेक्शन जारी करने से पहले निगम के जेई द्वारा साइट वेरिफिकेशन की जाती है। जेई द्वारा की गई साइट वेरिफिकेशन उपरांत ही उपभोक्ता को बिजली कनेक्शन जारी किया जात है। ऐसे में अवैध कॉलोनियों के अंदर बिजली कनेक्शन जारी होना निगम के अधिकारियों पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है।
विज्ञापन


करेंगे अवैध कॉलोनियों में कार्रवाई : डीटीपी
अगर किसी ने अवैध रूप से कॉलोनी काटी है तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाता है। हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, अगर इंद्री में कॉलोनियां कट रही हैं तो वहां पर स्टाफ को भेजकर सर्वे कराया जाएगा और जिन लोगों ने अवैध कालोनियां काटी हैं, उनमें कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जल्द ही एक्शन लिया जाएगा। -अमरीक सिंह, डीटीपी, करनाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें