एप पर गंदगी की शिकायतों के समाधान में करनाल देश में 5वें पायदान पर
आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय रोजाना करता है स्वच्छता की रेकिंग
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। स्वच्छता एप पर सफाई और गंदगी की शिकायतें आने और उनके समाधान को लेकर करनाल ने देश के 4141 शहरों की रैंकिंग में 5वां स्थान पाया है। अहमदाबाद, विशाखापट्टनम, सूरत व जयपुर क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय व चुतुर्थ रैंकिंग में आए हैं। इससे पहले, करनाल बीती 22 नवंबर के दिन टॉप 10 में आया था। यही नहीं इस उपलब्धि के लिए टॉप 20 में आने पर आगामी सर्वेक्षण के लिए करनाल के 100 नंबर भी पक्के हो गए हैं, जो 4 जनवरी 2018 से शुरू हो रहा है। यानि चालू वर्ष में अप्रैल से लेकर दिसंबर तक जो शहर टॉप 20 में आएगा, उसे स्वच्छता एप के 400 में से 100 नंबर मिलेंगे। निशिचत अवधि में समस्या का समाधान करने के लिए 150 तथा किसी भी शहर की कुल जनसंख्या के यदि 2 प्रतिशत स्वच्छता एप यूजर हैं, उसके भी 150 नंबर मिलते हैं। नगर निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से स्वच्छता एप को लेकर प्रतिदिन रैंकिंग की जाती है। कुछ दिन पहले करनाल की रैंकिंग 25 थी, जो आज 5वीं आई है। उन्होंने इसके लिए शहर के सभी नागरिकों को बधाई देते हुए कहा है कि वे अपने शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए भविष्य में भी इस एप से जुड़े रहें।
16492 शिकायतें आई, जिनमें से 16474 का समाधान
आयुक्त ने बताया कि सितम्बर 2016 से गुरूवार तक स्वच्छता एप को प्रयोग करने वालों की संख्या 4592 थी, जिनमें 4064 एन्ड्रायड तथा 528 आई.फोन. यूजर थे। इस अवधि में कुल 16492 शिकायतें आई, जिनमें से 16474 का समाधान किया गया, जबकि 18 शिकायतें फर्जी पाई गई। उन्होंने बताया कि 4592 में से 746 ऐसे यूजर हैं, जिन्होंने एक से ज्यादा बार शिकायतें डाली, जबकि 3846 ने एप को केवल डाउनलोड किया। आयुक्त ने शहर के नागरिकों से अपील की है कि स्वच्छ भारत मिशन का अभियान लोगों की भागीदारी के बिना पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकता।