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बारिश का असर, 10 दिन में 50 फीसदी तक बढ़े सब्जियों के दाम

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करनाल। प्री-मानसून में तेज बारिश जहां फसल किसानों के लिए खुशी की सौगात लेकर आई, वहीं यहर बारिश सब्जी किसानों पर मुुसीबत बनकर टूटी है। टमाटर और बाकी मौसमी सब्जियां इस बारिश में खेतों में ही बर्बाद हो गई हैं। किसानों की बर्बादी का यह असर अब आम लोगों की थाली पर भी नजर आने लगी है। हालात यह हैं कि टमाटर समेत अन्य सब्जियों के रेट एक सप्ताह में दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गए हैं। सब्जी कारोबारियों के अनुसार सब्जियों के दामों में यह वृद्घि अमूमन मानसून आने के बाद 15 जुलाई के आसपास होता था, लेकिन इस बार प्री-मानसून की बारिश ने सब्जी की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया। सब्जियों की कीमतों में बढ़ोत्तरी टमाटर से शुरू हुई। जून के आखिरी हफ्ते में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, यूपी में जोरदार बारिश हुई। जिसके कारण टमाटर सहित अन्य सब्जी की फसल भी पानी में पूरी तरह डूब कर बर्बाद हो गई। जिसके कारण पिछले 10 दिनों में ही टमाटर के रेट 20-30 रुपये प्रति किलो से 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसके अलावा खीरा, गोभी, मिर्च, बैगन, शिमला मिर्च, घिया जैसे सब्जियों के दाम भी बढ़ गए। सब्जी के दाम में हुई एकाएक वृद्धि का असर अब आम लोगों के थालियों में भी दिखने लगा है। घर के खाने से अब टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च जैसी सब्जियां गायब हो रही हैं। सेक्टर-13 के मुकेश ने कहा कि सब्जियों के दाम में हुए वृद्घि से घर का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। इससे बचने के लिए अब सस्ती सब्जियों का उपयोग करना पड़ रहा है।
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10 दिन पहले का और अब का रेट सब्जी रेट (पहले) रेट (अब) टमाटर 20 रुपये 60 रुपये
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घीया 10 रुपये 40 रुपये
शिमला मिर्च 40 रुपये 60 रुपये
खीरा 20 रुपये 50 रुपये
गोभी 20 रुपये 40 रुपये
मिर्च 40 रुपये 60 रुपये
बैगन 10 रुपये 30 रुपये
आलू 06 रुपये 10 रुपये
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