अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को विभिन्न विभागों के कर्मचारियों द्वारा सामूहिक समर्थन देने के पहले दिन ही जिला प्रशासन के पसीने छूट गए। फरियाद लेकर सरकारी दफ्तरों में आए लोगों को लौटना पड़ा क्योंकि पहले दिन विभिन्न विभागों के करीब 1750 कर्मचारियों ने रोडवेज कर्मचारियों को समर्थन दिया।
इन कर्मचारियों में सबसे ज्यादा बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग और नगर पालिका और निगम के कर्मचारी शामिल थे। हालांकि जिलेभर में पानी और बिजली को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन सरकारी दफ्तरों में कर्मचारी न मिलने के कारण लोगों को परेशान होकर घर लौटना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर कर्ण पार्क में हड़ताल के 15वें दिन भी कर्मचारियों ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बुधवार को भी विभिन्न विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में व्यवस्था पहले से ज्यादा बिगड़ सकती है। हालांकि रोडवेज की 143 बसें जरूर चलीं, जिस कारण यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं झेलनी पड़ीं।
जानिए किस विभाग के कितने कर्मचारी रहे हड़ताल पर
रोडवेज कर्मचारियों से अलग बिजली निगम के नियमित 754 कर्मचारियों में से 641, 723 कच्चे कर्मचारियों में से 125, जन स्वास्थ्य विभाग के 350, पीडब्ल्यूडी के करीब 100, दमकल विभाग के करीब 60, नगर निगम और नगरपालिका के 400, ओएसिस के करीब 50 सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी हड़ताल पर रहे।
कर्मचारियों की काटी जाएगी सैलरी
बिजली निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि 22 अक्तूबर से हड़ताल पर गए कर्मचारियों को दिवाली पर बोनस नहीं बल्कि उनका 10 दिन का वेतन कटेगा। हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को पहले इस बारे में अवगत करा दिया है। अन्य विभागों में भी इस पॉलिसी के तहत काम किया जाएगा।
भटकते रहे लोग, दफ्तर में नहीं मिले कर्मचारी
गांव कस्बों से दिन में हजारों लोगों अपनी परेशानी व समस्या लेकर विभिन्न सरकारी दफ्तरों में आते हैं, मंगलवार को भी लोग अपनी फरियाद लेकर आए, लेकिन वे लोग भटकते रहे। दफ्तर में कर्मचारी ही नहीं दिखाई दिए, सबसे ज्यादा बिजली निगम में लोगों को परेशानी का सामान करना पड़ा।
ये कहा रोडवेज प्रधान ने
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रधान सुखविंद्र सिंह ने बताया कि हड़ताल सफल रही है, हड़ताल में सभी विभागों के करीब पांच हजार से अधिक कर्मचारियों ने भाग लिया और सर्वकर्मचारी संघ के बैनर तले भगवान वाल्मीकि चौक तक विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांग नहीं मानती तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
चार पार्टियों ने किया रोडवेज कर्मियों की हड़ताल का समर्थन
वामपंथी पार्टियों सीपीआई(एम), सीपीआई, एसयू सीआई (सी) और सीपीआई (एमएल) ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल प्रदेश की भाजपा सरकार की हठधर्मिता की वजह से जारी है। कर्मचारियों पर चलाए जा रहे भीषण दमन चक्र और यात्रियों की जान जोखिम में डालकर जिस तरह नौसिखिये लोगों से बसें चलवाई जा रही है वह घोर निंदनीय है। माकपा जिला सचिव कामरेड अशोक ने बताया कि 31 अक्तूबर को चारों वामपंथी पार्टियां सरकार की रोडवेज के निजीकरण की नीति के खिलाफ विरोध दिवस मनाएंगी। जिले में रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में रोष प्रदर्शन करेंगी।