इंद्री (करनाल)। गांव शेखपुरा खादर के समीप बीती रात पश्चिमी यमुना नहर डब्ल्यूजेसी मेन लाइन लोवर का तटबंध टूटने से दर्जनभर गांवों के करीब तीन हजार ग्रामीणों ने पूरी रात डर के साये में मकान की छत व दूसरे गांव में गुजारी। पूरी रात ग्रामीण अपने परिवार व घर, सामान को लेकर चिंतित रहे। सोमवार को दोपहर तक करीब तीन फीट तक पानी घरों व सड़कों पर जमा रहा। शेखपुरा खादर के समीप सैकड़ों एकड़ फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई। प्रशासन का दावा है कि नहर का पानी 400 एकड़ में घुस गया था, जिसमें करीब 300 एकड़ में स्थिति सामान्य है और करीब 100 एकड़ में फसल बर्बाद हो गई है। हालांकि, प्रशासन की कार्यप्रणाली से से ग्रामीणों में रोष है।
बता दें मेन लाइन लोवर में बांए किनारे पर करीब 110 फुट चौड़ी और 27 फुट गहरी दरार को पाटने के कार्य में पूरा दिन 3 पोपलिन मशीन, 6 जेसीबी, 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 10 डंपर के अतिरिक्त 520 की संख्या में लेबर लगी रही। करीब 15000 मिट्टी से भरे बैग, 50 बल्ली व 30 मीटर वायर क्रेट को प्रयोग में लिया गया। लेकिन तब भी तटबंध का 50 प्रतिशत कार्य ही हो पाया। प्रशासन का दावा है कि मंगलवार दोपहर तक तटबंध का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। स्टेट डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स भी मौके पर तैनात है। डीसी डॉ. आदित्य दहिया और पुलिस अधीक्षक एसएस भोरिया ने सोमवार को स्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। जैनपुरा गांव के स्कूल व ग्राम सचिवालय में राहत कैंप स्थापित किया गया है, जो एसडीएम इंद्री की देख-रेख में चल रहा है। इसके साथ ही आवश्यक दवाईयां व खाने का प्रबंध भी किया गया है।
प्रवासियों ने बताई आप बीती
बिहार राज्य से काम करने के लिए आए बिकू कमती, जंग बहादुर, दुर्गानंद और भगवान देवी आदि ने बताया कि नहर की पटरी टूटने के कारण पानी उनके मकान के अंदर घुस गया है। रात को अचानक आए पानी के कारण हमने अपनी जान मुश्किल से बचाई है। प्रवासियों ने कहा कि हमारे घर का सारा सामान पानी में बह गया है, जिसमें घरेलू सामान के साथ साथ गेहूं की बोरियां भी बह गई हैं।
दस हजार मुर्गी के बच्चे मर गए और 355 मधुमक्खी के बॉक्स डूबे
गांव बुढ़नपुर खादर के समीप बने हिनौरी निवासी प्रदीप के पोल्ट्रीफार्म में घुसा पानी। पोल्ट्रीफार्म में पानी घुसने से पोल्ट्री फार्म में पाले जा रहे मुर्गी के बच्चे पानी में डूबने से मारे गए। प्रदीप ने बताया कि मुर्गी फार्म में करीब दस हजार मुर्गी के बच्चे पाले जा रहे थे। जो पानी में डूबने से मर गए। दूसरी ओर गांव शेखपुरा खादर के समीप मधुमक्खी पालन फार्म में रखे करीब 355 बक्शे पानी में डूबने से उनमें पाली जा रही मधुमक्खी मारी गई। फार्म मालिक सुदेश कुमार व राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने खेतों में मधुमक्खी पालन खोला हुआ था। नहर की पटड़ी टूटने से आए पानी में उनके करीब 355 मधुमक्खी बक्शे डूब गए। जिस कारण सभी मधुमक्खियां मारी गईं।
स्वास्थ्य विभाग ने कराई फॉगिंग व बांटी गोलियां
जिन गांव में नहरी पानी का भरा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हिनौरी व शेखपुरा खादर में कैंप बनाए गए है, जबकि जैनपुर साधान में रिलीफ कैंप लगाया गया है। पानी प्रभावित गांव में घर-घर जाकर विभाग की टीमें निरीक्षण कर रही हैं। साथ फॉगिंग करवा दी गई है। विभाग ने ओआरएस के पैकेट सहित अन्य गोलियां भी बांटी।
ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों का कहना है कि नहर में आई छोटी सी दरार को पाटने के लिए प्रशासन को 24 घंटे से ज्यादा समय लग गया यदि कोई बड़ा हादसा हो जाता तो प्रशासन उसे पाटने के लिए क्या करता? ग्रामीणों ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए और कहा कि प्रशासन की ओर से राहत के लिए केवल खानापूर्ति की गई।
नहर के तटबंध के लिए प्रशासन कार्य में लगा हुआ है। मंगलवार दोपहर तक यह कार्य पुरा कर लिया जाएगा। घबराने की कोई बात नहीं है। गांव से पानी निकल चुका है और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य सभी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी ग्रामीणों की सहायता कर रहे हैं।-डॉ. आदित्य दहिया, डीसी करनाल।