अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। एक तरफ खरीफ की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर हरियाणा सरकार प्रदेश में किसानों को राजी करने के लिए अलग-अलग जिलों में रैलियां कर रही है, वहीं दूसरी ओर सीएम सिटी में ही किसान नए शुगर मिल और बकाया पैसे को लेकर धरने पर डटे हैं। पिछले 14 दिन से चल रहा धरना अब तल्ख होता जा रहा है, साथ ही सरकार भी इस पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। पेंच यहां पर फंसा है कि किसान चाहते हैं कि दो विधायक व डीसी समेत अन्य अधिकारी धरनास्थल पर आएं और लिखकर ये बात दें कि आगामी एक माह में नये शुगर मिल का कार्य चालू हो जाएगा, दूसरी सरकार की ओर से अभी तक कोई भी प्रतिनिधि इस प्रकार का मसौदा नहीं पहुंचा है।
उधर, सरकार चाह रही है किसान समझौते के लिए उनके पास रेस्ट हाउस में आए और वहां पर बातचीत हो। फिलहाल दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। देखना यह है कि आंदोलन कितने दिन चलेगा, भाकियू ने चेताया कि है नये शुगर मिल की ईंट लगने तक वे धरना जारी रखेंगे। हालांकि, लगातार चल रहे धरने और गिरफ्तारियों ने सरकारी की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार को गन्ना उत्पादक किसानों का शुगर मिल के सामने धरना आंदोलन आज 14वें दिन जारी रहा। आज गिरफ्तारी देने के लिए युवा बोलेगा मंच के कैथल के 25 युवा किसान भी पहुंचे। युवा किसानों ने आज आंदोलन को लेकर जोरदार हुंकार भरी। गिरफ्तारी देने वाले किसान नेताओं की अध्यक्षता जोगिंदर सिंह झिंडा ने की। इस मौके पर कैथल से युवा किसान नेता स्वर्ण आर्य, रविंद्र कुमार, वकील सिंह, विल्लू, जोगिंदर सिंह झिंडा, निशान सिंह, फतेह सिंह, शिंदर सिंह, जसवंत सिंह, शीश सिंह, सम्पूर्ण सिंह, ताख्ता सिंह, भागा सिंह, रणजीत सिंह, गुरनाम सिंह, कश्मीर सिंह, बाजा सिंह, सुरेंद्र सिंह चीमा, उपप्रधान भाकियू सुरेंद्र सिंह घुम्मन, सरदारा सिंह सराह, करतार सिंह, अमरीक सिंह, चीमा, गुरुबचन सिंह, हरनाम सिंह ने गिरफ्तारी दी। धरना स्थाल पर सभा की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष यशपाल राणा ने की।
इस मौके पर श्याम सिंह मान, मेहताब सिंह कादियान, सुरेन्द्र सिंह सांगवान, सतपाल बडथल, बाबूराम बड़थल, श्याम सिंह चौहान, देविंदर सिंह भाटिया, शीश पाल डवकोली, मंहेंद्र नंबरदार, करण कालिया, सतीश कलसौरा, ओमपाल मढ़ान, रामधारी नरवाल, बनारसी मंजूरा, सतीश शर्मा, दलबीर, राज किरण, पाल सिंह, इनाम सिंह, मेनी राम, इनाम खान, बबलू महमदपूर, महक सिंह दिलावरा, जयपाल सिंह नबीपुर भी मौजूद थे।
नौ विधायकों व सांसद के खिलाफ जारी कर सकते हैं फतवा
इससे पहले, धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि गन्ना उत्पादक किसानों के आंदोलन को लेकर करनाल संसदीय क्षेत्र के सांसद अश्वनी चोपड़ा व नौ विधायकों की खामोशी चिंता का विषय हैं। इनमें से कोई भी जनप्रतिनिधि किसानों का हाल जानने के लिए नहीं पहुंचा। किसान अब इन जनप्रतिनिधियों के खिलाफ फतवा भी जारी कर सकते हैं। इन विधायकों और सांसद का बायकाट भी कर सकते हैं। रतनमान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर प्रहार करते हुए कहा कि यदि अपने कार्यकाल में पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा करनाल की चीनी मिल का नवीनीकरण करवा देते तो आज किसानों को आंदोलन नहीं करना पड़ता। पूर्व सीएम हुड्डा ने भी किसानों की घोर उपेक्षा की। इसका खामियाजा हुड्डा को भुगतना पड़ा और लोगों ने सत्ता से बेदखल कर दिया।
कल्याण बोले, किसानों के लिए सभी रास्ते खुले, मान ने कहा, हमारे पास नहीं कोई मैसेज
उधर, सोमवार को घरौंडा के विधायक हरविंद्र व अन्य अधिकारी किसानों को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में इंतजार करते रहे। शाम तक जब कोई किसान नहीं आया। इस मामले को लेकर विधायक व भाकियू प्रदेशाध्यक्ष आमने सामने हो गए हैं। कल्याण का कहना है कि हमारे पास मैसेज आया था कि किसान अपनी बात रखना चाहते हैं, लेकिन शाम तक कोई किसान नहीं आया। कल्याण ने कहा कि किसानों के लिए उनके सभी रास्ते खुले हुए हैं। उधर, भाकियू प्रदेशाध्यक्ष मान ने कहा कि हमारे पास ऐसी कोई सूचना नहीं थी, अगर किसी को आना है तो धरनास्थल पर आएं, स्वागत है। किसान रेस्ट हाउस में बल्कि जेल में जाएंगे।