संशोधित समाचार : पेड़ काटने से बैनर फटने पर डॉक्टर परिवार का हंगामा
-पेड़ पर चढ़ा रहा डाक्टर परिवार, तीन घंटे तक चला घटनाक्रम
-पुलिस व परिवार के सदस्यों में हुई हाथापाई, डाक्टर को हिरासत में लिया, छोड़ा
फोटो संख्या-26 से 29
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क को चौड़ा करने के लिए काटे जा रहे एक पीपल के पेड़ का हिस्सा डॉक्टर के क्लीनिक भवन पर लगने से जमकर बवाल मचा। डाक्टर दंपति व परिवार ने पेड़ गिरने से भवन क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में पेड़ को काटने से रोक दिया और डाक्टर परिवार समेत पेड़ के ऊपर बैठ गया। इस दौरान पुलिस व परिवार के सदस्यों में हाथापाई भी हुई। मामला बढ़ता देख थाना प्रभारी मोहनलाल, डीएसपी शकुंतला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और डाक्टर को समझाने का प्रयास किया, लेकिन डाक्टर मुआवजे के डिमांड करता रहा। आखिरकार पुलिस ने डाक्टर को उठाकर जीप में डाला लिया और थाने ले गए। बाद में उसे व अन्य युवकों को छोड़ दिया गया। यह घटनाक्रम करीब तीन घंटे तक चला।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज के बाहर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने को लेकर सड़क किनारे काटा जा रहा पीपल के पेड़ का एक हिस्सा होम्योपैथिक डॉक्टर विमल धवन के क्लीनक पर गिर गया। इससे डाक्टर दंपति बाहर निकल आया और दंपति ने आरोप लगाया कि पेड़ गिरने से उनका क्लीनिक पर नुकसान हुआ है। हमें इसका मुआवजा चाहिए। गुस्साए डॉक्टर और उसके परिवार के सदस्यों ने प्रशासन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। डॉ. परिवार के सभी सदस्य कटे हुए पेड़ के ऊपर बैठ गए और पेड़ गिरने से हुए नुकसान की मुआवजे की मांग करने लगे। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी शकुंतला यादव और सिविल लाइन थाना प्रभारी मोहन लाल पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ठेकेदार और डॉक्टर से बात करके नुकसान की भरपाई करवाने का आश्वासन दिया। इस पर ठेकेदार ने हुए नुकसान की भरपाई करने की बात कही, लेकिन डॉक्टर का परिवार मौके पर ही मुआवजे की मांग को लेकर अड़ा रहा और कटे हुए पेड़ को नहीं उठाने दिया। शाम चार बजे से लेकर सात बजे तक यह घटनाक्रम चलता रहा और पेड़ को काटने से रोक दिया गया। बाद में पुलिस ने आरोपी डॉक्टर विमल धवन को जीप में डाल लिया। इससे परिवार के सदस्य ओर ज्यादा भड़क गए। डॉक्टर को हिरासत में लेने के बाद परिवार के सदस्य सरकार और प्रशासन के बाद खूूब नारेबाजी करते रहे। थाने में जाने के बाद पुलिस ने डॉक्टर विमल धवन को छोड़ दिया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बाद में पुलिस की सुरक्षा में पेड़ को काटकर वहां से हटवाया गया। इसके बाद ही रास्ता सुचारू हो सका।