फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेहूं खरीद बंद होने के 15 दिन बाद भी नहीं मिली 600 करोड़ की आढ़त व मजदूरी

विज्ञापन
विज्ञापन
गेहूं की खरीद एक अप्रैल से शुरू हुई और 15 मई को संपन्न हो गई, लेकिन एक पखवाडे़ के बाद भी न तो प्रदेशभर की करीब 110 अनाज मंडियों से जुड़े करीब 35 हजार आढ़तियों को उनकी आढ़त का भुगतान मिल सका है न इन मंडियों में काम करने वाली लेबर को उनकी मजदूरी मिली है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने आढ़त और मजदूरी मिलाकर करीब 600 करोड़ रुपये बताई है। जिसके नौ प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान की मांग को लेकर एक पत्र मुख्यमंत्री मनोहर लाल को भेजा है।
विज्ञापन

प्रदेश की अनाज मंडियों में गेहूं की उतराई, सफाई, तोल, कट्टों की सिलाई और ट्रकों में लदान आदि का कार्य करने के लिए करीब 80 हजार से एक लाख श्रमिक काम करते हैं। इनमें अधिकांश लेबर बिहार व उत्तर प्रदेश से आती है। इन मजदूरों को गेहूं खरीद का सीजन खत्म होने के बाद अपने घरों को लौटना होता है, जो करीब डेढ़ महीने की अपनी कमाई लेकर घर लौटते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका है। सरकार लेबर की मजदूरी का भुगतान नहीं कर सकी है।
इस बार कर्ज के रूप में दिया पैसा
पिछले सालों में जब भुगतान आढ़तियों के खातों में आता था, तो आढ़ती भी लेबर को अपने पास से भुगतान कर देते थे इस बार आढ़ती भी पूरी मजदूरी देने से कतराते रहे। जिन्हें धन दिया भी तो बतौर कर्ज दिया। अभी तक आढ़तियों की आढ़त का भी भुगतान नहीं किया गया है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के राज्य प्रधान रजनीश चौधरी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि प्रदेशभर के आढ़तियों की आढ़त व मजदूरी जो करीब 600 करोड़ रुपये बनती है उसका अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। जिससे मजदूर काफी परेशान हैं और वह लगातार आढ़तियों के चक्कर काट रहे हैं। अभी तक हजारों की संख्या में ऐसे किसान भी हैं, जिन्हें गेहूं का भुगतान नहीं मिल सका है, जबकि सरकार ने किसानों को फसल मंडी में आने के 48 घंटे के अंदर भुगतान का वादा किया था। मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि आढ़तियों व मजदूरों को भी भुगतान में विलंब होने पर नौ प्रतिशतद ब्याज के साथ भुगतान दिया जाएगा तो अब प्रदेश सरकार को ब्याजसहित आढ़तियों व मजदूरों का भुगतान करना चाहिए। जिन किसानों को अभी तक भुगतान नहीं मिला है, उन्हें भी ब्याजसहित भुगतान दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन

2020 में गेहूं के सीजन में जिन आढ़तियों ने किसानों को गेहूं की फसल खरीद का भुगतान उनके खातों में देरी से भेजा था हरियाणा सरकार ने आढ़तियों के खाते से करोड़ों रुपये ब्याज के नाम पर काट लिए थे, वह धनराशि न तो किसान के खाते में पहुंची न ही आढ़तियों को वापस मिली है। जबकि मुख्यमंत्री कई बार काटी गई ब्याज की राशि जल्द किसानों के खाते में भेजने की बात कह चुके हैं लेकिन इसे अब एक साल हो गया है।
विज्ञापन

-रजनीश चौधरी, राज्य प्रधान, हरियाणा स्टेट अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें