अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। बुधवार दोपहर लगभग 3.15 बजे का समय। जैसे ही खबर आई कि पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमला हो गया तो सबकी सांसें फूल गईं। हादसे की तस्वीरें देखकर शहरवासी सिहर उठे।
जैसे-जैसे समय बीता शहीदों की संख्या का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया। शाम को शहर में सन्नाटा सा छा गया। जिसको भी हमले का पता लगा वो टीवी के सामने बैठ गया। 42 जवानों की शहादत की खबर पर शहरवासियों की आंखों में आंसू आ गए तो वहीं आतंकियों के लिए लोगों में जबरदस्त गुस्सा भी।
उधर, जिन परिवारों से सेना में जवान तैनात हैं, उनकी धड़कने बढ़ गईं। सभी ने अपने जवानों से फोन पर बात की। उधर, इस हादसे ने तीन दिन पहले पुलवामा में ही शहीद हुए गांव डिंगर माजरा के बलजीत सिंह व दो साल पहले गांव रंबा के शहीद प्रगट सिंह के परिजनों के जख्म फिर से हरे कर दिए। शहीदों के परिजनों ने एक सुर में कहा है कि मोदी जी, अब सर्जिकल स्ट्राइक नहीं, हमें आतंकियों का सफाया चाहिए। अदला और बदली की नीति छोड़कर अब आतंकियों के सफाए की बात करनी होगी। और केवल बात नहीं, हमें इस पर अमल करके ठोस कार्रवाई करनी होगी, तभी ये हमले रुकेंगे।
ऐसा करो कि आतंकियों के लिए कोई रोने वाला भी न बचे : कौर
वर्ष 2017 में शहीद हुए गांव रंबा निवासी प्रगट सिंह की मां सुखविंद्र कौर व पत्नी रमनदीप कौर का कहना है कि हम कब तक बदले की बात करते रहेेंगे। आतंकी हमारे चार मारेंगे, हम दस मारेंगे। फिर वे हमारे जवानों पर हमला बोलेंगे और फिर हमारी सेना बदला लेगी। ये सिलसिला कब तक चलेगा। अब देश को आतंकियों का सफाया चाहिए। साथ ही सेना की सुरक्षा को लेकर भी देश को अपडेट होना होगा। आज इतने बड़े हमले पर केवल शहीदों के परिजन ही नहीं पूरा देश रो रहा है, अब वक्त आ गया है कि आतंकियों के घर कोई रोने वाला भी ना बचे।
अब करारा जवाब देने का वक्त : अरूणा
तीन दिन पहले शहीद हुए डिंगरमाजरा के बलजीत सिंह की पत्नी अरूणा का कहना है कि आतंकी आए दिन हमारे जवानों पर हमले कर रहे हैं। रोजाना जवान शहीद हो रहे हैं। अब हमें आतंक और पाक के खिलाफ अपना रवैया बदलना होगा। केवल बदला लेने से कुछ नहीं होगा, हमें देश की सीमाएं शांत चाहिए। यह तभी हो सकता है जब आतंकियों का सफाया हो सके। सरकार को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा। आज देश के हर घर में मातम छाया है, सरकार को इस गुस्से का समझना है। यही वक्त है पाक और आतंकियों को करारा जवाब देने का। अब बात नहीं, कार्रवाई चाहिए।
कायरना हरकत का बहादुरी से दें जवाब : शहीद का भाई
शहीद बलजीत सिंह के भाई कुलदीप सिंह का कहना है कि हमें अपने भाई की शहादत पर गर्व है, लेकिन पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर जो कायराना तरीके से हमला किया है, वो निंदनीय है। केंद्र सरकार इस मामले में केवल दावे न करें, बल्कि अब आतंकियों को सबक सिखाए, ताकि दोबारा से इस तरह की घटिया हरकत पाक और उसके घुसपैठिये न कर सकें। जम्मू-कशमीर को लेकर हमें अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा। साथ ही पा क के साथ दो दो हाथ किए बिना इसका समाधान नहीं हो सकता।