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9 जनवरी को होगी स्मार्ट सिटी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की पहली मीटिंग

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स्मार्ट सिटी की ओर पहला कदम, नौ को होगी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की पहली मीटिंग
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की पहली मीटिंग नौ जनवरी को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में होगी। प्रदेश के शहरी निकाय विभाग के प्रधान सचिव एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड (केएससीएल) के चेयरमैन इसकी अध्यक्षता करेंगे। बैठक में केएससीएल के अन्य डायरेक्टर नितिन कुमार यादव, डॉ. जे गणेशन और योगेंद्र एस अवाना भी उपस्थित रहेंगे। डायरेक्टर कम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और नगर निगम आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
आयुक्त ने बताया कि इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 37 एजेंडा आइटम लिए जाएंगे, जिसमें मुख्यत: सरकार और नगर निगम का खर्च और भागीदारी का आधा-आधा हिस्सा यानि अलॉटमेंट ऑफ शेयर्स पर चर्चा होगी। खर्चे का हिसाब-किताब एक बैंक अकाउंट खोलकर उसमें रखा जाएगा, प्रारंभिक खर्चे और उसके ऑडिट किए जाने पर भी चर्चा होगी।
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उन्होंनें बताया कि पैन नंबर पहले ही प्राप्त कर लिया गया है। स्पेशल पर्पज व्हीकल के कार्य करने के लिए करनाल में एक रजिस्टर्ड ऑफिस खोले जाने की अप्रूवल भी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि कंपनी के कार्यक्षेत्र में वित्त, योजना व तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति की अप्रूवल और केंद्र व राज्य सरकार के शेयर के 200 करोड़ रुपये जारी करवाने पर चर्चा होगी। कंपनी एक्ट-2013 के नियमों के तहत किसी एक डायरेक्टर को साइन करने की अथॉरिटी भी दी जानी है और एक्ट की जरूरतों के अनुसार नए डायरेक्टर की नियुक्ति का प्वाइंट भी एजेंडे में रखा गया है।
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इन मुद्दों पर होगी बैठक
बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि प्रमुख प्रबंधकीय व्यक्ति और उनके स्टाफ की नियुक्ति किस तरीके से की जाए एवं उनके पे स्केल, योग्यता व अनुभव क्या होने चाहिए, इस पर विचार-विमर्श किया जाएगा। स्मार्ट सिटी में किए जाने वाले कार्यों के लिए जो लीगल करार होंगे, उन पर साइन करने के लिए किसी एक डायरेक्टर को अधिकृत किया जाए, इसकी भी चर्चा होगी। स्मार्ट सिटी एडवाइजरी फोरम की स्थापना किए बारे भी बैठक में चर्चा होगी। इसके साथ ही एसपीवी के लिए मोटर गाड़ियां हायर करने की अप्रूवल ली जाएगी। एसपीवी के दिन-प्रतिदिन कार्य के लिए पावर डेलीगेट किए जाने पर भी चर्चा होगी। इसके लिए एक आईटी प्रोफेशनल की नियुक्ति के मामले पर विचार-विमर्श होगा। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट के कार्यों का मूल्यांकन करने वाली कमेटी की पॉलिसी क्या रहेगी, इसका भी निर्णय लिया जाएगा। केएससीएल का स्टेटस बदलने यानि लगे की यह स्टेट गवर्नमेंट की कंपनी है, पर भी चर्चा की जाएगी। ऑफिस के रोजाना के कार्यों के लिए जिस फर्म या प्रोफेशनल को हायर किया जाएगा, उसके लिए सीईओ को अधिकृत किया जाए, इस पर भी चर्चा की जाएगी।
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