किसान महापंचायत का फैसला, सोमवार को किसान देंगे गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सरकार की अनदेखी और प्रशासन के शोषण से मजबूर व बेबस किसान आज तक आत्महत्या को गले लगाता आ रहा था, लेकिन अब ऐसा नहीं करेंगे। अपने हक के लिए अब सरकार के साथ संघर्ष करेंगे। शामगढ़ के किसान जसविंद्र ने अपने हक के लिए जेल जाकर हमारी आंखें खोल दी है। हम सभी किसान उसी को दिखाए रास्ते पर चलते हुए सोमवार को जेल भरो आंदोलन शुरू कर शोषण के खिलाफ संघर्ष का आगाज करेंगे। यह आंदोलन करनाल से शुरू होकर पूरे प्रदेश में फैलेगा। यह निर्णय किसानों ने गुरुवार को शामगढ़ में आयोजित किसान महापंचायत में लिया। भारतीय किसान यूनियन द्वारा बुलाई गई इस महापंचायत में करनाल के अलावा अन्य जिलों से आए सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। पंचायत का संचालन पंचायत के संयोजक किसान नेता राजेंद्र आर्य दादूपुर ने किया, वहीं अध्यक्षता बाबूराम बड़थल ने की।
बिजली निगम से ट्रांसफार्मर न मिलने से नाराज शामगढ़ के किसान जसविंद्र द्वारा निगम दफ्तर में तोड़फोड़ करने और ट्रांसफार्मर जला के बाद जेल जाने का मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। किसान के समर्थन में आयोजित इस महापंचायत में सभी किसानों ने कंधा से कंधा मिलाकर सरकार व प्रशासन के साथ संघर्ष का एलान किया। शामगढ़ के सैनी धर्मशाला में आयोजित इस महापंचायत में किसानों ने एकमत से कहा कि बिजली निगम द्वारा किसान जसविंद्र का जिस तरह का शोषण हो रहा था, उसी तरह प्रदेश के हर किसान के साथ होता है। लेकिन हम चुप होकर निगम अधिकारियों द्वारा अपना शोषण होने देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतन मान ने कहा कि सरकार किसानों के विरोध में काम कर रही है। ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए किसान मारे-मारे फिर रहे है। किसानों की फसल सिंचाई न होने के कारण सूखने की कगार पर पहुंच जाती है। उन्होंने सरकार को चेताया कि सरकार किसान विरोधी कारगुजारियों से बाज आएं।
वहीं किसान महापंचायत के संयोजक राजेंद्र आर्य दादूपुर ने कहा कि किसान अपना हक लेकर रहेंगे। आज की स्थिति में जो किसानों के साथ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। पंचायत में यूनियन के यमुनानगर प्रधान सुभाष गुज्जर, पानीपत जिले के प्रधान जयकरण कादियान, कैथल के प्रधान सतपाल दिलोवाली, कुरुक्षेत्र के प्रधान मेनपाल बुड्ढा ने इस आंदोलन में हर स्तर पर सहयोग देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर जिला सरंक्षक मैहताब कादियान, उत्तरी हरियाणा प्रभारी बलवान बदरान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, जिला प्रचार मंत्री सुरेश काम्बोज, खंड इन्द्री प्रधान सतीश कलसौरा, किसान नेता नेकी राम, ओमपाल मढ़ान, घरौंडा खंड प्रधान विनोद राणा, सुरेंद्र बैनीवाल, जेपी शेखपुरा, जयपाल काम्बोज चमरोड़ी, रमेश ढ़िल्लो रंदौर, रणजीत सिंह जलमाना, किसान नेता रामपाल शामगढ़, देशराज राणा, दलजीत सिंह, बल सिंह, दिलबाग सिंह, बालकिशन, सुनील, बलबीर सिंह, सतीश शर्मा, हुक्म सिंह, पाला राम समेत अन्य किसान मौजूद रहे।
महापंचायत में पहुंचे तहसीलदार को भी सुनाई खरी-खरी
महापंचायत में किसानों को मनाने पहुंचे नीलोखेड़ी के तहसीलदार दर्पण काम्बोज को भी किसानों ने जमकर खरी-खरी सुनाया। दरअसल, पंचायत में प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे तहसीलदार ने वहां पहुंचते ही किसानों से कह दिया कि, वे भी किसान के बेटे हैं, इसलिए उनकी समस्या को समझते हैं। इतना सुनना था कि किसानों ने कहना शुरू कर दिया कि, किसान का बेटा वह ंहोता है जो किसानों के साथ खड़ा होता है, कल अगर हम सड़क पर उतरेंगे तो आप ही हमें जेल में डालोगे। किसानों ने साफ तौर पर कह दिया कि जब सरकार बातचीत की बजाए मुकद्दमे बनाकर किसानों को परेशान कर रही है तो फिर सुलह कैसी।
भारतीय किसान यूनियन ने बनाई कई टीमें
सोमवार को किसानों की गिरफ्तारी आन्दोलन को सफल बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष बाबूराम बड़थल ने कार्यकर्ताओं की टीमें बनाकर उन्हें जिम्मेदारी सौंपी। यह टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को इस आन्दोलन की जानकारी देंगी, साथ ही ऐसे लोगों की लिस्ट बनाई जाएगी, जो सोमवार को गिरफ्तारी देंगे। गिरफ्तारी देने वालों में किसानों के साथ उनकी महिलाएं भी शामिल होंगी।
किसान को रिहा करने और अधिकारियों पर कार्रवाई की शर्त-किसानों ने अपने आंदोलन को वापस लेने के लिए प्रशासन को एक मौका भी दिया है। महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि अगर प्रशासन ने जेल में बंद किसान जसविंद्र को सोमवार से पहले रिहा कर, संबंधित निगम अधिकारियों पर पर्चा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया तो किसान अपना आंदोलन वापस ले लेंगे, लेकिन अगर ऐसा न हुआ तो किसान सोमवार सुबह पुरानी तहसील कार्यालय पर एकत्रित होकर डीसी ऑफिस पहुंचेंगे, जहां पर सामूहिक रूप से गिरफ्तारी देंगे। इस फैसले का सभी किसान ने हाथ उठाकर समर्थन किया और गिरफ्तारी देने की शपथ खाई।