करनाल। जिले के करीब 35 गांवों की 500 महिलाएं एक किसान उत्पादन संगठन (एफपीओ) से जुड़कर प्राकृतिक खेती, डेयरी फार्मिंग के अलग अलग उत्पाद तैयार करेंगी और उन्हें हरियाणा की विभिन्न बाजारों में विक्रय के लिए भेजा जाएगा। इससे लोगों को शुद्ध उत्पाद तो मिलेंगे ही, साथ ही महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
जन कल्याण समिति की परियोजना समन्वयक राजबाला मान ने बताया कि उनकी समिति हरियाणा अतुल्य नारी शक्ति के नाम से एक एफपीओ बना रही हैं। इस वर्ष केंद्र सरकार की ओर से करीब 10000 एफपीओ बनाने की घोषणा की है। जिसमें जन कल्याण समिति संस्था को भी एक एफपीओ दिया गया। महिलाओं कृषि के क्षेत्र में पशुपालन, खेती बाड़ी और डेयरी फार्मिंग जैसे कार्यों के लिए तैयार किया जाएगा। हरियाणा अतुल्य नारी शक्ति एफपीओ का मुख्य उद्देश्य उत्पादों की शुद्धता है।
इसमें पहले ग्रामीण महिलाओं को एनडीआरआई, एचटीआई, सीएसएसआरआई और आईआईडब्ल्यूबीआर जैसे संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूध प्रोक्योरमेंट यानी दूध एकत्र कर उसको शुद्ध करना और पशुपालन कर दूध का उत्पादन करना, रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों से दूर रहकर प्राकृतिक तरीकों से सब्जियों और फलों की पैदावार, जमीन लेकर खेतीबाड़ी का कार्य और गाय के गोबर से खाद तैयार और सीएनजी बनाना जैसे अनेक कार्य किए जाएंगे।
महिलाएं प्रशिक्षित होकर स्वयं सभी उत्पादों का मूल्य निर्धारण, संग्रहण, परीक्षण और विपणन कार्य करेंगी। पांच सौ महिलाओं का समूह मिलकर कृषि के क्षेत्र में एफपीओ का संचालन करेंगी और स्वयं का उद्यम तैयार कर शुद्ध उत्पादों का निर्माण करेंगी। उन्होंने बताया कि इस हरियाणा अतुल्य नारी शक्ति एफपीओ का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें गांवों की लगभग पांच सौ महिलाओं का एकत्र कर एक संगठन तैयार किया जाएगा। संवाद