माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। किराना व घरेलू सामान की फर्म के बिलों में गड़बड़ी करके प्रबंधक, सहायक और प्रबंधक के परिवार की ओर से करीब 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के दी शिकायत में सेक्टर-4 निवासी रितेश पोपली ने बताया कि उनकी हरमन ट्रेडिंग के नाम से सेक्टर-4 में ही फर्म है। पिछले तीन साल से वे घरेलू उत्पाद और किराना आदि की फर्म चला रहे हैं। भारत चौधरी और राजू उनके पास काम करते थे। भारत फर्म का प्रबंधक था और किरण चौधरी वासी सुभाष गेट उनकी सहायक थी।
भारत सामान का आर्डर लेता था। जब भी कोई भी माल बेचा जाता तो उसका बिल बनाया जाता था, जिसके बाद ही माल को भेजा जाता था। कुछ दिन पहले उन्होंने भारत और राजू से बात की और पूछा कि माल कम होता जा रहा है। तो दोनों टाल-मटोल करने लगे। इसके बाद उन्होंने कंप्यूटर चेक किया तो पता चला कि बिलों में छेड़छाड़ करके बिलों की तारीख व दुकानदारों के नाम बदलकर उन्हें नकद दिखाया गया है।
जिन दुकानदारों पर सामान जाता था, उनसे पूछने पर पता चला कि सभी दुकानदारों ने पूरा भुगतान आरोपी भारत के गूगल पे खाते में किया हुआ है। इसके बाद जब आरोपियों से दोबारा बात की तो उन्होंने टाल दिया। मामले का खुलासा होने के बाद आरोपियों ने मारने की भी धमकी दी।
इसके बाद 16 अगस्त को भारत चौधरी अपनी माता, राजू शर्मा व भाभी किरण को लेकर उनके घर पर आया और कहा कि हमसे गलती हो गई है, हमने सिर्फ तीन बिलों में हेराफेरी करके माल किसी और को बेच था। 15 दिन में पूरी रकम वापस करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भारत ने बताया था मैं अपने वर्कर राजू के साथ मिलकर यह काम करता था। अगले दिन भारत काम पर नहीं आया तो राजू से बात की तो उसने कहा कि कम से कम 60 से 70 बिलों में गड़बड़ी की गई है।
शिकायतकर्ता को राजू ने बताया कि प्रत्येक बिल में छेड़छाड़ करने पर भारत उन्हे हर बिल पर 10 प्रतिशत कमीशन देता था। उसके झांसे में आकर उसने गलत काम किया। इसे लेकर राजू ने लिखित में माफीनामा भी दिया। राजू ने बताया कि उसके हिस्से में करीब साढ़े चार लाख रुपये आए हैं, जिन्हें वे वापस कर देंगे।
उसने बताया कि जो भारत चौधरी, सुशील चौधरी और किरण चौधरी माल की हेराफेरी करते थे और फर्जी बिल बनाते थे। वो सारा माल उसके भाई सुशील और भाभी किरण को दे देता था। सारा माल सुभाष गेट में किसी दुकान में छुपा रखा है। भारत के भाई व भाभी का भी यह काम है। दुकानदारों से नकली बिल बनाकर भारत के भाई और भाभी भुगतान लाते थे। ऐसे में कुल मिलाकर लगभग 45 लाख रुपये की हेराफेरी हुई है।