होली पर सियासी रंग में रंगी सीएम सिटी
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। रंगों के त्योहार होली पर सीएम के शहर करनाल में जमकर सियासी रंग उड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कुंजपुरा रोड पर विकास रिजोर्ट में कार्यकर्ताओं के साथ होली खेली। वहीं, शनिवार को सिख समुदाय के लोगों ने अमरेंद्र सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और मांगें पूरी नहीं होने पर राहें अलग करने की चेतावनी दी। पिछले तीन साल से मुख्यमंत्री व सरकार का गुणगान करते नहीं थकने वाले अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने दावा किया कि पूरा सिख समाज सरकार से नाराज है। हालांकि, अरोड़ा ने ये भी कहा कि वे समाज की मांगों की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सियासी लोग मानते हैं कि इस विरोध के बहाने अरोड़ा सरकार में एडजेस्ट होने का आखिरी दांव खेल रहे हैं। विकास भवन में बुलाई गई सिख समाज की महापंचायत में सरकार पर साढ़े तीन साल में समाज के लोगों की सुनवाई नहीं करने व नौकरियों से दूर करने के आरोप लगाए। समाज लोग यह बात कहने से भी नहीं चूके कि विधानसभा चुनाव में मनोहर लाल को काले झंडे दिखाने वालों को एडजेस्ट किया गया, जबकि जिन्होंने भाजपा के झंडे उठाकर काम किया, वे आज तक खाली बैठे हैं, न तो उनकी अफसर सुन रहे हैं और न ही सरकार। महापंचायत में 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई, जो मांगों को लेकर सीएम से मिलेगी, अगर सीएम ने उनकी मांगें नहीं मानी तो समाज नया रास्ता एख्तियार करेगा।
शनिवार को विकास भवन में हरियाणा सिक्ख गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व युवा प्रदेशाध्यक्ष एवं पंजाबी स्वाभिमान संघ के चेयरमैन अमरेंद्र सिंह की अगुवाई में महापंचायत बुलाई गई। इसमें समाज के लोगों ने सरकार पर मांगों व वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। पंजाबी अध्यापक संघ के प्रधान करनैल चंद व पंजाबी फिल्मों के निर्माता हरबख्श सिंह मनचंदा ने कहा कि सरकार का रवैया बिलकुल ढीला है व निजी स्कूल भी पंजाबी भाषा के अध्यापकों की नियुक्ति नहीं की जा रही है। इसी कारण, बच्चों को स्कूलों में फ्रैंच भाषा पढ़ने पर मजबूर किया जा रहा। जबकि हरियाणा में 35 से 40 प्रतिशत अबादी पंजाबी भाषी लोगों की है। सरकार अगर सख्ती से आर्डर करे तभी सही मायनों में पंजाबी भाषा स्कूलों में लागू हो सकती है। उन्होंने कहा है कि पंजाबी पाठयक्रम की 9वीं व 10वीं कक्षा की पुस्तकों में गुरुतेग बहादुर का अध्याय नहीं जोड़ा गया, जबकि पहले यह दर्ज था। इसे शीघ्र पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये। इसी प्रकार अमरेंद्र सिंह अरोड़ा ने भी साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल सरकार से समाज के लोग नाराज हैं। मांगें मनवाने को लेकर वे सीएम से मिलेंगे।
अरोड़ा को एडजेस्ट करने की उठी मांग
हालांकि, महापंचायत समाज के मुद्दों के लिए बुलाई गई थी, लेकिन ज्यादातर ने अमरेंद्र सिंह अरोड़ा को सरकार में एडजेस्ट करने की जोरदार मांग उठाई, साथ ही अब तक अरोड़ा को एडजेस्ट नहीं करने पर रोष भी जताया। हरपाल सिंह वलविंद्र सिंह विर्क ने भरी पंचायत में कहा कि, पिछले तीन साल में सरकार ने समाज के लोगों की अनदेखी की है। इतना ही नहीं लोगों ने ये भी कहा कि इससे पहले की सभी सरकारों में समाज के लोगों का अच्छा मान रहा है। भाजपा सरकार में समाज की अनदेखी हो रही है। न तो समाज के लोगों को नौकरियां मिल रही हैं और न ही पंजाबी भाषा के अध्यापक लगाए जा रहे हैं, इसलिए प्रदेश में पंजाबी भाषा को दूसरी भाषा का दर्जा मिलने के बाद भी बच्चे इसे पढ़ नहीं पा रहे हैं। अगर मांगें नहीं मानी तो वे सड़कों पर उतर कर विरोध करेंगे।
तन मन धन से किया भाजपा का साथ, मिला क्या?
जयदीप सिंह तुली व गुरविंद्र सिंह अरोड़ा ने कहा कि हम लोगों ने अमरेन्द्र सिंह अरोड़ा के आह्वान पर पिछले विधान सभा 2014 के चुनाव में मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को जिताने में तन मन व धन से मदद की, लेकिन यह सरकार सिक्खों को कोई भी सम्मान देने की इच्छाशक्ति नहीं रखती। आज समाज को मिला क्या? सिक्ख नौजवान बेरोजगार घूम रहें हैं, उन्हें नौकरियों में विशेष जगह दी जाए। समाज के लोगों को सरकार की ओर से कुछ नहीं मिल रहा है।
सीएम ने वादा किया था, आज तक पूरा नहीं हुआ
इसी प्रकार कर्ण विहार, विकास कालौनी, सेक्टर-4 व सेक्टर-5, भाई कन्हैया जी सेवा सोसायटी के प्रधान स. गुरमुख सिंह, बलविंद्र सिंह विर्क विकास कालोनी, बलदेव सिंह ने संयुक्त तौर पर कहा कि हम लोगों ने अमरेंद्र सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मांग की थी कि सेक्टर-4 या 5 में एक प्लाट गुरद्वारा साहब बनाने के लिए दिया जाए, इस का नक्शा भी हमने मुख्यमंत्री को सौंप दिया था, लेकिन अभी तक उस पर कोई भी कार्यवाई नहीं हुई, जबकि मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि शीघ्र गुरद्वारे के लिए प्लाट दे दिया जायेगा, लेकिन अब मुख्यमंत्री जी मिलने तक का भी समय नहीं दे रहे। इस अवसर पर उमेश चौधरी, हरीश कुमार बिट्ट, अनुराग सेठी, संजय बत्तरा, गुरबचन सिंह मक्कड़, गुरबचन सिंह, जसबीर सिंह मनजीत सिंह, महेंद्र सिंह व गुरमीत सिंह, रणजीत सिंह मनमोहन सिंह डबरी और जसप्रीत सिंह जस्सी आदि मौजूद रहे।
मैैंने शुरू से ही समाज के लोगों की लड़ाई लड़ी है। मैं अपनी लड़ाई लड़ता आया हूं, आज भी समाज के साथ हूं। समाज के लोग सरकार से नाराज हैं, समाज की मांगें काफी समय से लंबित हैं, उनको लेकर 11 सदस्यीय कमेटी सीएम से मिलेगी। अगर सीएम ने मांगें मानी तो ठीक है, नहीं तो फिर समाज के साथ बैठकर नई रणनीति तैयार करेंगे। ये लड़ाई चेयरमैनी की नहीं है, बल्कि समाज की है। -अमरेंद्र सिंह अरोड़ा, सिख नेता।