- यमुना में आई बाढ़ से जो स्टड्स को नुकसान पहुंचा है, उनकी होगी मरम्मत
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बाढ़ से बचाव पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस पर जिले में कुल 40 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। इससे अलग-अलग 15 प्रोजेक्ट पर काम होगा। उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि भविष्य में बाढ़ से नुकसान को कम करने एवं पूर्व में तैयार प्रोजेक्ट पर हुई प्रगति की जानकारी लेने के उद्देश्य से राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्तायुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने वीसी के जरिये उपायुक्त के साथ बैठक की और प्रस्तावित नई योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल की।
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि संबंधित विभागों की ओर से 40 करोड़ के 15 प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें से 11 लघु अवधि के प्रोजेक्ट हैं। इस बार यमुना में आई बाढ़ से कुछ स्टड्स को नुकसान पहुंचा है जिनकी मरम्मत की जानी है। कुछ नए स्टड्स लगाए जाने हैं। यमुना नदी पर लालूपुरा कांप्लेक्स की सुरक्षा के लिए सात पुराने स्टोन स्ट्डस की मरम्मत और दो नए स्ट्डस लगाने के लिए 12 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। खीरजपुर काम्पलेक्स की सुरक्षा के लिए किनारों को मजबूत करने के लिए चार करोड़ का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसी प्रकार ढाकवाला काम्पेक्स दो नये स्ट्डस लगाने और 2139 स्टोन रिवेटमेंट के लिये 45 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है ताकि भविष्य में लोगों को बाढ़ से बचाया जा सके। यूपी प्रशासन ने यमुना क्षेत्र में खनन के लिये परमिट जारी किये हैं। वहां खनन भी अधिक है जिसके कारण यमुना अपना रास्ता बदल रही है और उसमें पानी का बहाव भी बढ़ रहा है। इस मामले को यूपी प्रशासन के साथ उठाया जाना जरूरी है।
वित्तायुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने कहा कि समस्या के समाधान के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता और विभाग के सचिव को भी भिजवायें। उपायुक्त ने आश्वस्त किया कि एक-दो दिन में प्रोजेक्ट सरकार को भेज दिया जाएगा। उपायुक्त के अनुसार भविष्य में बाढ़ से नुकसान को रोकने के लिये 29 पुराने डीजल पंपों को बदला जाएगा और 1000 एचडीपीई पाइपों को बदला जायेगा। वित्तायुक्त ने उपायुक्त को निर्देश दिये कि पिछले दस साल में बाढ़ से बचाव के लिए कितने प्रोजेक्ट बनाए गए, उन पर कितनी राशि खर्च की गई और कितने लोगों को कितना मुआवजा दिया गया, इस बारे में पूरा ब्योरा तैयार कर एक महीने में रिपोर्ट भिजवाएं। उन्होंने चालू लघु प्रोजेक्ट्स का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिये। बैठक में सिंचाई विभाग के एसई राजेश कुमार, एक्सईएन नवतेज, डीआरओ श्याम लाल के अलावा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।