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कोरोना 571 केस, चार चिताएं जलीं

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कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं। रविवार को 571 नए केस आए। वहीं बलड़ी बाईपास के श्मशान घाट पर चार लोगों की चिताएं जलीं हालांकि स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में एक ही व्यक्ति की मौत हुई है। दिल्ली व नोएडा के अस्पतालों में आक्सीजन न मिलने के कारण कोरोना पॉजिटिव मरीज शहर के प्राइवेट अस्पताल में दाखिल हो रहे हैं। इनमें से कई मरीजों की जान भी जा चुकी है। शनिवार को दिल्ली के पांच लोगों की जान गई तो रविवार को नोएडा निवासी एक व्यक्ति की मौत हुई। जिसका संस्कार बलड़ी श्मशान घाट में किया गया। इससे अलग सेक्टर-13 निवासी 55 वर्षीय, पानीपत के समालखा निवासी 42 वर्षीय महिला का भी दाह संस्कार बलड़ी बाइपास पर बने श्मशान घाट में किया गया। अभी तक जिले में कोरोना पॉजिटिव 221 लोगों की जान गई है। रविवार को 546 मरीज ठीक होकर घर गए हैं।
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ये हैं हालात
सैंपल लिए - 305603
नेगेटिव - 278535
पॉजिटिव - 23461
ठीक हुए - 18898
एक्टिव - 4348
मौत - 221
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर व स्टाफ नर्स पॉजिटिव
मेडिकल कॉलेज को कोविड अस्पताल बनाया गया है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स कोरोना पॉजिटिव आए हैं। साथ ही 7 विद्यार्थी, 3 अध्यापक, 3 पुलिस कर्मी, कोर्ट के स्टेनों सहित दो कर्मी, साइंटिस्ट, बैंक कर्मी, सिविल इंजीनियर दो, वकील भी शामिल हैं। अधिकतर व्यक्ति सैंपल के दौरान फार्म में अपने व्यवसाय की जानकारी नहीं दे रहे हैं।
संडे बाजार रहा बंद, डीसी से मिले फड़ी वाले
रविवार को सेक्टर-12 स्थित संडे बाजार बंद होने के कारण फड़ी लगाने वाले लोग डीसी से मिले। वहां उन्होंने सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया और बोले कि सप्ताह में एक ही दिन उनकी रोजी रोटी कमाने का होता है। ऐसे में वह अपने बच्चों को रोटी कहां से खिलाएंगे। उन्होंने आरोप लगाए कि व्यापारियों की शहर में दुकानें खुली हैं सरकार ने हम गरीबों का बाजार बंद करा दिया। डीसी ने आश्वासन दिया कि इस रविवार को बाजार बंद रखें अगले रविवार तक इस बारे में विचार किया जाएगा। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने कमेटी चौक, कर्ण गेट बाजार में जाकर दुकानें बंद कराईं।
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पिता का आरोप नेगेटिव को दस्तावेजों में बताया पॉजिटिव
कुंजपुरा स्थित कुंडाकलां गांव निवासी चंद्रपाल ने आरोप लगाया कि उसका 6 साल का बेटा एक महीने से बीमार था, उसके प्लेटलेट्स कम थे। शहर के प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। तबीयत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया तो वह पीजीआई चंडीगढ़ बेटे को लेकर गया। वहां डॉक्टरों ने बेटे का नाक से कोई सैंपल नहीं लिया। वह 24 घंटे अपने बेटे के साथ था। इसके बाद उसके बेटे ने दम तोड़ दिया तो डॉक्टर ने दस्तावेजों में उसके बेटे को कोरोना पॉजिटिव बता दिया।
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