कृषि विभाग की ओर से धान के बजाय मक्का की बिजाई पर जोर दिया जा रहा है।
हरियाणा के दस जिलों में मक्का बिजाई का टारगेट 38300 हेक्टेयर तय किया गया
है।
जिले के हिसाब से देखा जाए तो सबसे अधिक टारगेट 7660 हेक्टेयर करनाल
जिले का है जो अन्य जिलों से कहीं अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार मक्का की
बिजाई करने से एक तो पानी की बचत होती है और दूसरा उर्वरा शक्ति बढ़ती है। विभाग
की ओर से किसान को प्रति एकड़ 1800 रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है। एक
किसान पांच एकड़ तक मक्का की बिजाई कर सकता है।
इसमें एक हजार रुपये मक्का
के बीज व आठ सौ रुपये दवा के लिए दिए जा रहे हैं। किसान बाहर से बीज व दवा
खरीद कर संबंधित एडीओ के पास बिल जमा करवाना है और उसके पंद्रह दिन के
अंदर बिल पास कर दिया जाएगा।
दस जिले में खर्च होंगे 1915 लाख
प्रदेश
में मक्का की बिजाई के लिए विभाग की ओर से दस जिलों का खर्च 1915 लाख
रुपये निर्धारित किए गए हैं। करनाल जिले में 383 लाख रुपये खर्च किए
जाएंगे। विभाग की ओर से किसानों को मक्का की बिजाई के लिए प्रेरित किया जा
रहा है।
इन दवाओं का करें प्रयोग
मक्का को बीमारी से बचाने के
लिए एट्रेजाइन 500 ग्राम, मैनकोजेब 500 ग्राम व आर्गेनिक मेन्यूर डालना है।
ये सभी दवाएं हैफेड से प्राप्त कर सकते हैं और इसका बिल संबंधित एडीओ के
पास जमा करवा कर पास करवा सकते हैं।
जुलाई माह में करें बिजाई
जिला
उप निदेशक कृषि विभाग डॉ. पवन कुमार ने बताया कि 25 जुलाई तक किसान मक्का
की बिजाई कर सकते हैं। एक एकड़ में आठ किलो बीज डालना चाहिए। बिजाई करते
समय पौधे से पौधे की दूरी 22 सेंटी मीटर दूरी होनी चाहिए। एक पौधे को अच्छी
हवा व खुराक मिलेगी तो पैदावार भी अधिक होगी। विभाग की ओर से मक्का की
बिजाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है और भू जल स्तर को सुधारने के पूर जोर
प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रदेश के दस जिलों का लक्ष्य
जिला लक्ष्य हेक्टेयर में खर्च लाखों में
करनाल 7660 383.00
अंबाला 6385 319.25
यमुना नगर 3830 191.50
कुरुक्षेत्र 5105 255.25
जींद 3830 191.50
पानीपत 2555 127.75
सोनीपत 3830 191.50
सिरसा 640 32.00
फतेहाबाद 735 31.75
कैथल 3830 191.50
कुल 38300 1915.00