संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों के लिए विशेष जांच शिविर लगाया गया। शिविर में कुल 81 गर्भवतियों ने जांच करवाई। इनमें से 33 गर्भवती उच्च जोखिम पर मिलीं और दो में खून की भारी कमी मिली। आहार विशेषज्ञ डॉ. मोनिका ने डाइट प्लान तैयार कर उन्हें दिया।
शिविर में महिला चिकित्सक डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. दीपा, डॉ. धीरज सिंह व डॉ. गरिमा ने गर्भवती महिलाओं की जांच की। नर्सिंग ऑफिसर कोमलदीप कौर ने हीमोग्लोबिन की जांच, खून की जांच, यूरिन की जांच, शुगर के स्तर की जांच, ब्लड प्रेशर, वजन और अन्य सामान्य जांच निशुल्क की। डॉ. दीपा ने बताया कि इस दौरान गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई हैं।
नियमित जांच से गर्भवती महिलाओं में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना कम होती हैं। डॉ. धीरज ने बताया कि कुछ गर्भवती महिलाओं के निशुल्क अल्ट्रासाउंड कराए गए। इस दौरान उच्च जोखिम वाली महिलाओं को चिन्हित भी किया गया। शिविर में दौरान योग सहायक रीटा शर्मा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान योग करने से महिलाओं और उनके अजन्में बच्चों के लिए स्वस्थ रहता है। योग से शरीर चुस्त रहता है और मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।
खास तौर पर गर्भावस्था के दौरान योग करने से महिलाओं को दर्द से छुटकारा मिलता है। गर्भवती अनुलोम-विलोम, कपालभाति प्राणायाम, तितली आसन, ताड़ासन, उत्तानासन रोजाना करने की हिदायत दी। शिविर में 30 गर्भवतियां पहली बार जांच करवाने पहुंची। वहीं इनमें से दो में खून की कमी, सात की पहले सीजेरियन डिलीवरी, तीन में मल्टी बेबी, एक में नेगेटिव ब्लड सहित अन्य गर्भवतियां शामिल है। शिविर में एलटी मीत सिंह, एचआईवी काउंसलर पूनम, ममता व कांता ने सहयोग किया।