फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकल वाहन टोल फ्री कराने को और बढ़ी तकरार, विवाद पहुंचा सीएम दरबार

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल (घरौंडा)। बसताड़ा टोल प्लाजा पर लोकल वाहनों को नि:शुल्क कराने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कंपनी टैक्स वसूलने पर अड़ी है तो स्थानीय लोग व सामाजिक संस्थाएं नि:शुल्क की मांग पर डटे हैं। विरोध के चलते अब सामाजिक संगठनों के तेवर और ज्यादा तेज हो गए हैं।
बुधवार को घरौंडा की सामाजिक संस्थाओं ने शहर में जुलूस प्रदर्शन निकाला, साथ ही एकजुट होकर गुरुवार को आधे दिन के लिए घरौंडा बंद का आह्वान किया है। दुकानदारों समेत अन्य लोगों ने इस मुहिम में उनका साथ देने वादा किया है। उधर, तनाव की स्थिति बढ़ने के कारण और रोजाना हो रहे झगड़ों का मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। खुद घरौंडा के विधायक इस मामले को लेकर गंभीर हैं और बताया जा रहा है कि इस मामले में 29 जून को घरौंडा के लोग सीएम मनोहर लाल से भी मिलेंगे। बुधवार को घरौंडा के लोगों ने नई अनाज मंडी के सामुदायिक केंद्र में एक बैठक कर आगामी रूपरेखा तैयार की और वीरवार को दोपहर तक शहर बंद करने का दुकानदारों से आग्रह किया है। लोगों ने एक सुर में कहा है कि वे टोल अधिकारियों की मनमानी चलने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि टोल अधिकारियों की शह पर वाहन चालकों के साथ ज्यादती की जा रही है। इसको किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने टोल अधिकारियों की शिकायत पर शहर के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि शहर के लोगों पर दर्ज किए गए मामलों को भी सरकार वापस ले। बाद में उन्होंने शहर में एक रोष मार्च निकाला और टोल अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने दुकानदारों से आग्रह किया कि टोल फ्री बंद करने के विरोध में वे वीरवार को दोपहर तक अपनी दुकानें बंद रखें।
विज्ञापन


बनाई 31 सदस्यीय कमेटी, 29 को सीएम से मिलेंगे
बैठक में टोल संघर्ष समिति का गठन किया गया और 31 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। बैठक में राजीव सेन, सतपाल चौहान, सुरेंद्र सिंगला, मनीष गुप्ता, सरपंच पवन ढाकला, शोकिन पहलवान, सुरेंद्र कुमार आदि लोगों ने कहा कि इस मामले को लेकर वे हलका विधायक हरविंद्र कल्याण से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर समस्या का हल नहीं हुआ तो वे टोल पर अनिश्चितकालीन धरना देने से पीछे नहीं हटेंगे। संघर्ष समिति के सदस्यों का कहना है कि वे कंपनी के खिलाफ अपनी आवाज लगातार बुलंद करेंगे। बैठक में फैसला लिया कि टोल अधिकारियों की चल रही मनमानी के चलते 31 सदस्यीय कमेटी के नेतृत्व वे 29 जून को प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहर लाल से करनाल में आयोजित खुले दरबार में मिलेंगे और पूरे मामले से अवगत कराएंगे।

टोल कर्मी बदतमीजी न करें, जनता रखे संयम : कल्याण
टोल प्लाजा पर साढ़े तीन साल से हलके की जनता फ्री चल रही है और इसी प्रकार की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए मैंने प्रदेश मुख्यमंत्री मनोहरलाल से बातचीत की है और सीएम ने उन्हें मामले का पटापेक्ष करने का आश्वासन दिया है। हलके की जनता में आग्रह किया कि वे इस मामले में संयम रखें और कानून को अपने हाथ में न लें। उन्होंने टोल अधिकारियों व कर्मचारियों से भी नसीहत दी कि वे वाहन चालकों के प्रति अपना बर्ताव ठीक रखे। वाहन चालकों के साथ बदतमीजी बर्दास्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन

-हरविंद्र कल्याण, विधायक, घरौंडा।

दस किलोमीटर के दायरे में छूट का प्रावधान, नि:शुल्क का नहीं : डीजीएम
केंद्रीय मंत्रालय के नियमों के अनुसार टोल के आसपास के इलाकों के वाहन चालकों को छूट दी गई है। टोल से दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले शहर व गांवों के एलएमवी व्हीकल (कार) के लिए प्रति माह 150 रुपये का पास बनाने का प्रावधान है। टोल से बीस किलोमीटर के दायरे में आने वाले इलाके के कार चालकों के लिए 300 रुपये की मासिक की दर तय की गई है। बीस किलोमीटर की दूरी वाले एलसीवी (कैंटर व चार पहिया लोडिंग वाहन) के लिए प्रति चक्कर 15 रुपये चुकाने पड़ते है। इसके अलावा दो एक्सल व्हीकल (छोटे ट्रक) के लिए 25 रुपये प्रति चक्कर टोल टैक्स निर्धारित किया गया है, जबकि लोकल एरिया के मल्टी एक्सल और भारी वाहनों के लिए टोल टैक्स में कोई छूट नहीं है। नि:शुल्क का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए उनको पास बनवाने चाहिए।- संजय माथूर, डीजीएम, सोमा कंपनी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें