अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। सरकार चुनावी मूड में आ गई है, लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारी नहीं। सरकार विकास कार्यों को लेकर धड़ाधड़ घोषणाएं कर रही है, जबकि उन पर काम करने की बजाए लिस्ट बनाने में जुटे हैं। प्रदेश के लिए मनोहर लाल करनाल आते हैं और करोड़ों रुपये की घोषणाएं कर जाते हैं, लेकिन अधिकारी उन पर अमल नहीं करते हैं या फिर करते हैं तो काफी धीमी गति से। जिला प्रशासन के आंकड़े बताते हैं कि सीएम ने अब तक जिला करनाल के लिए कुल 1664 करोड़ रुपये की 384 घोषणाएं की हैं। इनमें से इनमें से 94 घोषणाएं मुकम्मल हुई, 149 अंतिम चरण में हैं व 132 पर आज तक काम ही शुरू नहीं हो पाया है। इसके साथ ही 9 ऐसी घोषणाएं हैं, जो नॉट फिजीबल हैं। ये आंकड़े मंगलवार को खुद डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने मीडिया के सामने रखे हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष-2014 से अब तक करनाल जिला में मुख्यमंत्री की ओर से कुल 384 विकास कार्यों की घोषणा की गईं। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2014 में 9 घोषणाएं, 2015 में 70 घोषणाएं, 2016 में 67 घोषणाएं, 2017 में 179 घोषणाएं तथा वर्ष 2018 में अब तक 59 घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही असंध विधानसभा के लिए 50 घोषणाएं, घरौंडा के लिए 75 घोषणाएं, इंद्री विधानसभा के लिए 75 घोषणाएं, करनाल विधानसभा के लिए 94 घोषणाएं व नीलोखेड़ी विधानसभा के लिए 90 घोषणाएं की गईं।
सबसे ज्यादा घोषणाएं मार्केटिंग बोर्ड व पीडब्ल्यूडी विभाग की
सीएम द्वारा अब की घोषणाओं में सबसे ज्यादा पीडब्ल्यूडी विभाग की हैं व सबसे कम कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, बागवानी, तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, मेडिकल एजुकेशन, राज्य सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण विभागवन विभाग, नागरिक उड्डन व पशुपालन विभाग से संबंधित एक एक घोषणा है। हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड 92, विकास एवं पंचायत 27, उच्चतर शिक्षा विभाग 12, स्कूल शिक्षा विभाग 16, स्वास्थ्य विभाग 19, गृह विभाग जिसमें जेल भी है 4, औद्योगिक प्रशिक्षण एवं व्यवसाय शिक्षा 3, हरियाणा राज्य औद्योगिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास निगम जिसमें उद्योग विभाग भी है 2, सिंचाई एवं जल संसाधन 23, एचवीपीएन 2, यूएचबीवीएनएल 11, जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी 6, लोक निर्माण विभाग (बीएंडआर) 90, राजस्व विभाग 1, समाज कल्याण 2, खेल एवं युवा मामले विभाग 11, नगर एवं ग्राम आयोजन जिसमें हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण भी है 12, परिवहन विभाग 12 व शहरी स्थानीय निकाय विभाग से संबंधित 36 घोषणाएं की गई हैं। हालांकि, प्रशासन द्वारा उन विभागों का ब्यौरा नहीं दिया गया, जिनमें प्रोजेेक्ट अटके हुए हैं या फिर शुरू ही नहीं हुए।
सीएम विंडो पर 242 शिकायतों का आज तक नहीं हुआ समाधान
सीएम विंडो पर शिकायत देने के बाद शिकायतकर्ता एक तरह से निश्चिंत हो जाता है, उसे लगता है कि अब को हर हाल में उसे न्याय मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं है। डीसी ने दावा किया कि सीएम विंडो पर आई शिकायतों का प्रशासन द्वारा तत्परता से निपटान किया जा रहा है। सीएम विंडो पर जिला में अब तक कुल 7420 शिकायतें आईं, जिनमें से 7178 का निर्धारित अवधि में निपटारा किया गया, जिसका प्रतिशत 96.74 रहा, जो प्रदेशभर में सबसे ज्यादा है। हालांकि, जिन 242 लोगों को आज तक न्याय नहीं मिल पाया, उसका किसी अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं है।
दुर्भाग्य की बात है, सीएम की घोषणाएं भी पूरी नहीं : सुमिता सिंह (फोटो-20)
कांग्रेस की पूर्व विधायक सुमिता सिंह ने प्रशासन द्वारा पेश किए सीएम की घोषणाओं के आंकड़ों पर चुटकी लेते हुए कहा है कि सीएम मनोहर लाल की घोषणाओं को जब उनके शहर के अधिकारी ही गंभीरता से नहीं लेते हैं तो प्रदेश के दूसरे जिलों के क्या हालात होंगे? मुझे नहीं लगता करनाल में कोई प्रोजेक्ट पूरा हुआ हो, जिससे जनता को लाभ मिला हो। सरकार केवल कांग्रेस के समय के प्रोजेक्ट पर अपने शिलापट्ट लगा रही है। करनाल की सड़कें और जनता सब कुछ बयां कर रही है कि यहां पर कितना विकास हुआ है। दुर्भाग्य की बात है कि अधिकारी सीएम के शहर में ही उनकी घोषणाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इससे पता चलता है कि सीएम की अधिकारियों पर पकड़ नहीं है और पूरा सिस्टम अधिकारियों ने कब्जा कर रखा है।
ये शुरू नहीं हो सकीं घोषणाएं
समीक्षा के दौरान सामने आया कि तरावड़ी के अंडरपास के कार्य रेलवे की अप्रूवल के कारण पूरा नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी द्वारा कोहंड-असंध व बजीदा जाटान रोड पर आरओबी बनाया जाना है, लेकिन शुरू नहीं हुआ। तरावड़ी-नीलोखेड़ी व निगदू में जो बस स्टैंड बनाया जाना है, इसके लिए करीब 4 एकड़ जमीन ही नहीं मिली है। इसके साथ ही घरौंडा में नया बस अड्डा मार्केट कमेटी की जमीन में बनना प्रस्तावित है, लेकिन जमीन नहीं मिली है। समीक्षा बैठक में कहा कि रम्बा से कुटिया, जनेसरों से जोहड़माजरा की सड़क को अब हरियाणा स्टेट एग्रिकल्चर मार्केटिंग बोर्ड द्वारा बनाया जाना है। पंचायतीराज के कार्यकारी अभियंता रामफल ने बताया कि गांव मूनक, जलमाना और बड़ौता में खेल स्टेडियम बनाए जाने प्रस्तावित हैं, लेकिन शुरू नहीं हो सके हैं। इसके अलावा भी कई योजनाएं हैं जो शुरू नहीं हो पाई हैं।
ये विकास कार्य जिन पर निर्माण कार्य चल रहे हैं अंतिम चरणों में डीसी ने समीक्षा बैठक में बताया कि कुंजपुरा में वाटर टैंक का निर्माण कार्य व नए बस अड्डे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। तरावड़ी में मेन मार्केट से चैनल पासिंग का कार्य 70 प्रतिशत पूरा हो गया है। घरौंडा की सीएचसी में ट्रॉमा सेंटर का कार्य 20 प्रतिशत पूरा हो गया है, तरावड़ी के पुलिस स्टेशन के भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में हैै। घरौंडा की अनाज मंडी में किसान भवन बनाया जा रहा है। इंद्री खंड के गांव इंद्रगढ़ में 6 एकड़ में बनने वाले स्टेडियम का कार्य आगामी 2 महीनों में पूरा हो जाएगा।
घोषणाओं पर चल रहा गंभीरता से काम : डीसी
सीएम की घोषणाओं को लेकर लगातार जिलेभर के अधिकारियों की बैठकें ली जाती हैं और सभी को सख्त निर्देश भी दिये गए हैं। कुल 384 घोषणाओं में 94 पूरी हो चुकी हैं, 149 के कार्य अंतिम चरण में है। शेष 132 पर जल्द ही कार्य शुरू होने वाला है, इसके लिए सभी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। अगर कोई घोषणा लंबित रहती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होगा। विकास सदन में जिलेभर के अधिकारियों के साथ बैठक करके सीएम घोषणाओं की समीक्षा की गई है, ताकि और गति मिल सके। इसके अलावा, सीएम विंडो पर शिकायतों के समाधान को लेकर करनाल प्रदेश में अव्वल स्थान पर है और 96 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें निपटाई गई हैं। -डॉ. आदित्य दहिया, डीसी।