सड़क हादसे में दो सगे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत, एक गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। इंद्री रोड पर रंबा गुरूद्वारा के पास पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे ट्रक की बाइक सवार तीन युवकों को टक्कर लगने से उनकी बाइक सामने से आ रही कार से टकरा गई। इससे माखूमाजरा गांव के दो सगे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत हो गई। जबकि कार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना खतरनाक था कि बाइक और कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लेकर कल्पना चावला राजकीय मेेडिकल कॉलेज से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए, जबकि गंभीर रूप से घायल कार चालक का इलाज शहर के निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस जांच अधिकारी धमेंद्र सिंह ने बताया कि गुरूवार देर रात को इंद्री रोड पर गुरबख्श सिंह वासी (20) वासी माखुमाजरा प्रभात फर्टीलाइजर फैक्ट्री में काम करने वाले अपने भाई मंगल सिंह (22) और गांव के ही युवक भूपेंद्र सिंह (24) को अपनी बाइक पर बैठाकर गांव की ओर जा रहा था। जैसे ही उनकी बाइक रंबा गांव के गुरूद्वारा के पास पहुंची तो करनाल की ओर से तेज गति से जा रहे एक ट्रक चालक ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इससे बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह सामने से आ रही कार से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार गुरबख्श सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उसका भाई मंगल सिंह, भूपेंद्र सिंह और कार चालक धर्मपाल वासी नौरता गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया। जहां इलाज के दौरान मंगल सिंह ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन भूपेंद्र और कार चालक धर्मपाल को शहर के निजी अस्पताल ले गए। जहां ओर ज्यादा हालत गंभीर होने पर भूपेंद्र सिंह को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उसने जाते हुए रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जबकि घायल धर्मपाल का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए है। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुझे एक बार मेरे बेटे गुरचरण और पत्नी अमन से मिला दो
हादसे में गंभीर रूप से घायल माखूमाजरा वासी भूपेंद्र सिंह घायल होने के बाद बार-बार अपने बेटे और पत्नी को मिलवाने की बात कहता रहा। अस्पताल में गांव के लोगों ने गांव से उसकी पत्नी अमन कौर और बेटे गुरचरण को बुलाया। लेकिन जब तक वह दोनों आए, भूपेंद्र सिंह बेहोश हो चुका था और उसे अस्पताल के आईसीयू में दाखिल किया जा चुका था। देर रात को हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ रेफर कर दिया गया। जहां जाते हुए उसने रास्ते में दम तोड़ दिया।
गांव के एक साथ तीन युवकों की मौत से पसरा मातम
सड़क हादसे में माखूमाजरा के दो सगे भाइयों सहित तीन युवकों की मौत होने से पूरे गांव में मातम पसर गया। वीरवार देर रात को हादसा होने के बाद जब तीन युवकों की मौत की खबर गांव में पहुंची तो हर कोई पूछते रह गया कि ऐसा कैसे हो सकता है। वहीं पूरा दिन गांव में चूल्हा नहीं जला। दिनभर मृतकों को घर लोगों का तांता लगा रहा। मंत्री कर्णदेव कांबोज ने भी पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
भाई लेट हो गया तो गुरबख्श गया था लेने
मंगल और भूपेंद्र प्रभात फर्टिलाइजर फैक्ट्री में काफी दिनों से काम करते थे। वीरवार को दोनों को काम करते हुए ज्यादा देर हो गई। इसके बाद उन्हे गांव में जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिला तो मंगल ने अपने छोटे भाई गुरबख्श को फोन करके फैक्ट्री से लेकर जाने की बात कही। गुरबख्श अपने भाई को लेने के लिए आ गया, लेकिन उसे नहीं पता था कि वह दोनों भाई अब कभी भी परिवार के अन्य सदस्यों से नहीं मिल पाएंगे। जब वह अपने भाई मंगल और भूपेंद्र को लेकर जा रहा था तो रंबा गांव के गुरूद्वारा के पास हुए हादसे ने दोनों भाईयों सहित तीनों की जान ले ली। परिवार वालों को रो-रोकर बुरा हाल है।