संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने जिले में दो दिन बिजली चोरी पकड़ने के लिए छापामारी अभियान चलाया। दो दिन में 2708 कनेक्शनों की जांच कर बिजली चोरी के 246 मामले पकड़े गए हैं। जिन पर 1.08 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अभियान में 37 टीमें लगाई गई। सुरक्षा के मद्देनजर टीमों के साथ पुलिस भी तैनात रही।
विद्युत निगम का दावा है कि बिजली चोरी पकड़ने के दौरान कहीं भी विरोध या विवाद की स्थिति नहीं बनी। विभाग के अधीक्षक अभियंता सुधाकर तिवारी ने कहा कि बिजली चोरों को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान चलता रहेगा।
ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर हो रही थी चोरी
अभियान के दौरान विद्युत निगम के सिटी डिवीजन के अंतर्गत दो दिन में 878 स्थानों पर जांच की गई। जिसमें बिजली चोरी के 127 मामले पकड़े गए हैं। टीमों ने घरों, दुकानों, शोरूम, डेयरी, ढाबों, उद्योगों, मोबाइल टावर व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापे मारे। 127 मामलों में सिटी डिवीजन के अंतर्गत 56.61 लाख रुपये जुर्माना किया गया है। बिजली का 303.64 किलोवाट लोड पकड़ा है। शहर में ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर भी बिजली चोरी पकडी गई। इसके अलावा नेवल गांव में कुछ डेयरियों पर बिजली चोरी पकड़ी गई। अभियान में 12 टीमें शामिल रहीं। प्रत्येक टीम में एक उपमंडल अधिकारी, एक कनिष्ठ अभियंता, दो लाइनमैन सहित सात कर्मचारी तथा पुलिसकर्मी शामिल रहे। कार्यकारी अभियंता सोमबीर सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी साथ में थे। कहीं कोई विवाद नहीं हुआ।
मीटर से की थी छेड़छाड़
कार्रवाई के दौरान सामने आया कि बिजली मीटर को बाईपास करके सीधी तार लगाकर तथा पुराने मीटर से छेड़छाड़ करके भी गड़बड़ी की जा रही थी। जबकि नए स्मार्ट बिजली मीटर से चोरी की गुंजाइश नहीं है। जिस क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगे हैं वहां बिजली चोरी कम है। जिन लोगों के बिल नहीं भरने के कारण कनेक्शन कटे हैं उन्होंने सीधी तार लगा रखी थी। उनके घरों में बिजली चालू पाई गई। निगम के सिटी सब डिवीजन के अंतर्गत लाइन लॉस 9 प्रतिशत है। इसमें बिजली चोरी के अलावा कुछ बिजली की तकनीकी कारणों से भी खपत होती है। कार्यकारी अभियंता सोमबीर सिंह का कहना है कि विद्युत निगम का प्रयास है कि लाइन लॉस को कम किया जाए।