करनाल। 12 दिन पहले माता-पिता से बिछड़े 11 वर्षीय बालक को बाल कल्याण परिषद करनाल के प्रयास से फिर से माता-पिता मिल गए। बच्चे से मिलकर माता-पिता की खुशी का ठिकाना न रहा। बच्चे के माता-पिता ने बाल कल्याण का इस पुण्य कार्य के लिए आभार प्रकट किया।
घटनाक्रम के अनुसार 12 दिन पूर्व फरीदाबाद से 11 वर्षीय बालक हाशिम अपने परिवार से बिछड़ गया था वह स्टेशन पर गलती से क्रॉसिंग के दौरान गाड़ी पर चढ़ गया और जींद स्टेशन पर पहुंच गया। जींद रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने उसको जींद के बाल कल्याण कमेटी के पास भेजा और उन्होंने जिला बाल कल्याण परिषद करनाल द्वारा संचालित शिशु घर में भेजा परंतु जिला बाल कल्याण कमेटी के चेयरमैन उमेश चानना के प्रयासों से हाशिम से पूछताछ की गई और पूछताछ के बाद उन्होंने आपबीती की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बालक फरीदाबाद के खोरी गांव का रहना वाला है, उनकी माता का नाम मर्जीना और पिता मो. लतीफ है। बच्चे से मिली जानकारी के बाद कमेटी के चेयरमैन ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बाल कल्याण कमेटी फरीदाबाद से बात की और उनके माता-पिता को हाशिम की फोटो भेजी, अपने बच्चे की फोटो देखकर माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं रहा, हाशिम को लेने के लिए वह करनाल में पहुंचे वहां पर बाल कल्याण कमेटी के सदस्यों व चेयरमैन से मिले और उन्होंने बाल कल्याण कमेटी का इस पुण्य कार्य के लिए आभार प्रकट किया। कमेटी ने माता-पिता और बच्चे की पहचान की तहकीकात के बाद कार्रवाई करते हुए हाशिम को उनके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। इस मौके पर बाल कल्याण कमेटी के सदस्य सीमा राणा, मीना कांबोज, शोभना चौधरी व चंद्र प्रकाश उपस्थित रहे।
डॉक्टर बच्ची का गंभीरता से करें उपचार, बाल कल्याण कमेटी ने डॉक्टरों से की बातचीत
चेयरमैन उमेश चानना ने बताया कि जिला बाल कल्याण कमेटी के सदस्यों द्वारा जिला नागरिक अस्पताल का दौरा किया गया जहां उन्होंने 2 दिन पहले मॉडल टाउन गुरुद्वारे में मिली नवजात बच्ची के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्ची की देखरेख में कोई कमी नहीं आनी चाहिए तथा उनके प्रयास हैं कि बच्ची को उनके परिवार से मिलाया जाए।