फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं सुधर रहे हालात, यात्रियों को कई कई घंटे देखनी पड़ रही बाट

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। मांगों को लेकर शनिवार को पांचवें दिन भी रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। इस दौरान सभी चालक और परिचालकों ने कर्ण पार्क में सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। हड़ताल के कारण जहां डिपो को रोजाना लाखों रुपये का घाटा उठाना पड़ रहा है, वहीं सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। खास कर ग्रामीण रूटों पर जाने वाली सवारियों को बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यात्री सरकार और रोडवेज कर्मचारी दोनों को ही कोस रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि उन्हें तो मंजिल तक जाने के लिए बस चाहिए, चाहे वह सरकारी या फिर प्राइवेट, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता।
बता दें कि पिछले पांच दिन से हड़ताल चल रही है। हालांकि, पुलिस कर्मचारियों, निगम के चालकों के दम पर रोडवेज प्रबंधन की ओर से 48 रोडवेज की बसें, 3 स्कूलों की और 67 प्राइवेट बसें रूटों पर चलाई जा रही हैं। गौरतलब है कि डिपो में कुल 186 बसें है, जो अलग-अलग रूटों पर चलती हैं। विभाग दावा कर रहा है कि अब रूटों पर दिक्कत नहीं है। लेकिन हकीकत इसके विपरीत है। यात्री बसों के लिए कई-कई घंटे इंतजार कर रहे हैं। बस स्टैंड पर स्टौंडी जाने के लिए इंतजार कर रहे कर्मसिंह, राज पाल ने बताया कि वे एक घंटे से ज्यादा समय से खड़े हैं, बस ही नहीं मिली। एक बस आई थी उसमें काफी भीड़ थी। इसी प्रकार महिला कलमा देवी, कमलेश कुमारी ने बताया कि हमें तो बस चाहिए कोई सी भी हो। सरकार और कर्मचारी दोनों को ही सोचना चाहिए, कि जनता परेशान हो रही है। लेकिन न तो सरकार हमारी बात सुन रही है और न रोडवेज कर्मचारी। इस प्रकार से बसें बंद करके जनता को परेशान करना अच्छी बात नहीं है।
विज्ञापन

विभाग को अब तक 50 लाख का घाटा, नौकरी के लिए 3 हजार आवेदन
पांच दिन की हड़ताल के चलते डिपो को करीब 50 लाख रुपये का घाटा हो चुका है, अभी 22 तक हड़ताल चलेगी, ऐसे में और लाखों रुपये का राजस्व घाटा होना तय है। दूसरी ओर डिपो से नौकरी बर्खास्तगी के नोटिस दिए जाने के बाद सरकार द्वारा नई भर्ती के लिए युवकों की लाइनें लग रही है। शनिवार को आरटीए ऑफिस में करीब 3 हजार आवेदन चालक और परिचालक के लिए आ चुके हैं।
विज्ञापन

यूनियन की चेतावनी : आगे भी बढ़ सकती है हड़ताल
करनाल। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी की बैठक मानव सेवा संघ में हुई। इस मौके पर कमेटी के प्रतिनिधि सुरेश लाठर ने कहा कि सरकार की कर्मचारी और जनविरोधी नीतियों के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल का कदम मजबूर होकर उठाया है। सरकार चाहती तो बातचीत के माध्यम से समस्या का हल कर सकती थी, मगर सरकार अड़ियल बनकर खड़ी रही और कर्मचारियों को चक्का जाम करने के लिए मजबूर कर दिया गया। सुरेश लाठर ने कहा कि कर्मचारी सरकार से वार्ता के लिए तैयार हैं बशर्ते सरकार उन्हें बातचीत के लिए बुलाए। अगर सरकार कर्मचारियों को अलोकतांत्रिक तरीका अपनाकर लठतंत्र से दबाना चाहती है तो यह हड़ताल 22 अक्टूबर से भी आगे बढ़ सकती है। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत करना चाहते हैं किसी मंत्री या अधिकारी से कोई बातचीत नहीं होगी। इधर, सीटीयू बस संचालकों ने भी रोडवेज कर्मचारियों को समर्थन दे दिया है। सीटीयू की कोई बस नहीं चलाई जाएगी। इस अवसर पर संजीव कुमार, अंकुर, संदीप, आजाद, सुखविंद्र सिंह व कृपाल सिह लाडी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें