जिलेवासी पी रहे हैं दूषित जल, 130 सैंपलों में से 55 सैंपल फेल
-जांच में बैक्टीरिया की मात्रा मात्रा पाई अधिक, बीमार हो रहे लोग
जन स्वास्थ्य विभाग नहीं लेता कोई संज्ञान, हर महीने आते हैं सैंपल फेल, डीसी ने कहा मांगी जाएगी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। लोगों को शुद्ध पेयजल सप्लाई करने का दावा करने वाले जन स्वास्थ्य विभाग व हुडा की पोल स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट ने खोल दी है। जुलाई माह की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिलेभर से 130 पानी के सैंपल लिए थे, इनमें से 55 सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें बैक्टीरिया की मात्रा अधिक है और वह पानी पीने के लायक नहीं है। इससे अलग पानी के चार सैंपल में क्लोरीन की मात्रा अधिक पाए गई हैं, जो असंध से लिए गए थे। क्लोरीन की मात्रा ज्यादा व्यक्ति को लीवर, हार्ट सहित अन्य बीमारियां होने की आशंका बनी रहती है।
फेल हुए 55 सैंपल यह बताते हैं कि जन स्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेलों द्वारा जो पेयजल सप्लाई हो रहा है, वह पूरी से शुद्ध नहीं है। इस कारण लोग बीमार हो रहे हैं। लेकिन इस बात से जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोई लेना-देना नहीं है। हर महीने स्वास्थ्य विभाग पानी के सैंपल लेकर जांच करता है और इसी प्रकार सैंपल फेल आते हैं। हर बार जन स्वास्थ्य विभाग इन आंकड़ों की अनदेखी कर देता है। हालांकि, यह रिपोर्ट डीसी के सामने भी जाती है, लेकिन वहां भी इस रिपोर्ट की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। अभी तक पानी के सैंपल फेल आने पर प्रशासन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
........................................................
एरिया - टोटल सैंपल - फेल हुए
डीएचओ करनाल- 6 - 6
सीएचसी इंद्री - 30 - 15
सीएचसी घरौंडा - 25 - 18
सीएचसी बल्ला - 9 - 6
सीएचसी असंध - 17 - 10
सीएचसी निसिंग- 17 - 2
जीएचसी नीलोखेड़ी - 4 - 1
सीएचसी तरावड़ी - 12 - 0
यूपीएचसी सेक्टर-13
सिटी डिस्पेंसरी - 15 1
लोग हो रहे हैं बीमसा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बैक्टिरियालोजिकल टेस्ट किया गया था, जिसमें 55 सैंपल फेल आए हैं। इसका मतलब है कि पानी में बैक्टीरिया की मात्रा अधिक है। जिस कारण यह पानी पीने से लोगों में डायरिया, हैजा, पीलिया, लीवर खराब, पत्थरी जैसी अनेकों बीमारियों होने खतरा बढ़ जाता है। हालांकि अस्पतालों में डायरिया, पीलिया, हैजा सहित अनेकों बीमारियों के मरीज सैकड़ों की संख्या में दाखिल है। जिस मुख्य कारण दूषित जल पीना भी है।
लोगों को अपने आप ही साफ करना होगा पानी
जन स्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेलों द्वारा जिलेभर में पेयजल सप्लाई किया जाता है। लेकिन हर महीने पानी के सैंपल फेल आते हैं। इसे साफ जाहिर कि जन स्वास्थ्य विभाग में सुधार आने वाला नहीं है। ऐसे में लोगों को खुद ही पानी साफ कर पीना होगा। बता दें पानी साफ करने के लिए क्लोरीन डाली जाती है। जो 25 लीटर पानी में 0.5 एमजी की गोली डलती है या फिर हर घर में आरो लगवाना पड़ेगा।
पुरानी हो चुकी है पाइप लाइन
पेयजल दूषित सप्लाई होने का मुख्य कारण पुरानी बिछी पाइप लाइन भी है, क्योंकि ये पेयजल पाइप लाइन लीक हो जाती है और फिर वहां से गंदा पेयजल पाइप द्वारा लोगों के घरों में चली जाती है। क्योंकि अधिकतर पेयजल पाइप घर के सामने नालियों से गुजरी होती है। जब घर में मोटर चलाई जाती है तो जो पाइप लीक होता है तो उस लीकेज से गंदगी भी पानी के साथ आ जाती है।
....................................................
वर्जन
पानी के 55 सैंपल फेल आए हैं, यह गंभीर मामला है। इस बारे में जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी और सैंपल फेल होने का कारण भी पूछा जाएगा।
डॉ. आदित्य दहिया, डीसी करनाल।