फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दर्जनभर गांवों के खेतों में घुसा पानी, यमुना का जलस्सतर घटने से मिली राहत

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल (इंद्री)। शनिवार सायं यमुना नदी में हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 6 लाख क्यूसिक रविवार सुबह इंद्री के पास पहुंचा तो पानी करीब दर्जनभर गांवों के खेतों तक पहुंच गया। एक बार तो खतरा गांवों के अंदर तक पानी जाने का होया था, लेकिन शाम तक पानी 1.10 लाख क्यूसिक रहने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि, रविवार को दिनभर गांवों के खेत और मुख्य सड़कें पानी से लबालब रहीं।
सुबह यमुना के साथ लगते गांव जपती छपरा, चंद्राव, सैयद छपरा, चौगामा, डबकौला, हंसुमाजरा, शेरगढ़ नगला, नगली, शेरगढ़ टापू समेत अन्य गांवों के खेतों यमुना का पानी पहुंच गया और खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई। वहीं, शनिवार रातभर प्रशासनिक अधिकारी यमुना के साथ निगरानी बनाए हुए थे। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता मुनीष कुमार व संजीव कुमार पूरी रात यमुना पर रहे और लगातार अधिकारियों को अपडेट देते रहे।
विज्ञापन


मंत्री ने किया प्रभावित गांवों का दौरा
खाद्य, नागरिक, आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री कर्णदेव कांबोज ने रविवार को भी इंद्री हलके के डबकौली सहित आसपास के सभी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने के सभी प्रबंधों का जायजा भी लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत के दौरान कहा कि पूरी सरकार और प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के साथ है। यदि उनकी फसलों को कोई नुकसान होता है तो इसकी विशेष गिरदावरी करवाई जाएगी और नुकसान होने पर मुआवजा दिलवाया जाएगा।
विज्ञापन


सीएम को कराया है अवगत, हवाई दौरा भी किया
मंत्री कांबोज ने बताया कि इंद्री क्षेत्र में बाढ़ से बचाव के लिये मुख्यमंत्री मनोहर लाल से फोन पर बात कर पूरी स्थिति से अवगत करवाया है और इसे लेकर मुख्यमंत्री ने यमुना क्षेत्र का हवाई निरीक्षण किया है। दो दिनों से इंद्री क्षेत्र में भी भारी बारिश हुई है, जिसके कारण खेतों मे पानी भरा हुआ है। संभावित बाढ़ स्थिति को जानने के लिये उन्होंने कल भी करीब दो दर्जन गांवों का दौरा किया था और अधिकारियों को यमुना नदी के गांवों में ही प्रवास करके पूरी स्थिति पर नजर बनाये रखने का निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अलग अलग घाटों पर मोटरबोट का प्रबंध किया गया है, ताकि जान माल का कोई नुकसान ना हो सके। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये इंद्री में एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। अभी तक स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह से अधिकारियों व क्षेत्र के लोगों के संपर्क में है। इस दौरे के दौरान उनके साथ सभी प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें