अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा (करनाल)। बसताड़ा टोल प्लाजा पर पुलिस तैनात होने के बाद भी मारपीट की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। शनिवार को सायं एक लोकल वाहन चालक और उसके भाई के साथ टोल के बाउंसरों ने मारपीट की। इससे टोल पर जाम की स्थिति बन गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर टोल फ्री करवा कर जाम खुलवाया।
शनिवार की सायं घरौंडा निवासी प्रेम चंद अग्रवाल की तबीयत अचानक खराब हो गई। बीमार प्रेम चंद को उसका बेटा संजय कुमार और अस्तित्व कार में उपचार के लिए करनाल ले जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बसताड़ा टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ी के आगे एक कार खड़ी थी। कार काफी देर तक खड़ी रही तो उन्होंने कार चालक को कहा कि उनके पिता की तबीयत ज्यादा खराब है, इसलिए रास्ते से गाड़ी को हटा ले। उसी समय टोल के आधा दर्जन बाउंसर मौके पर पहुंच गए और उनके साथ बुरी तरह से मारपीट शुरू कर दी। इससे दोनों भाइयों को काफी चोटें आईं। उन्होंने बताया कि टोल पर तैनात कमांडों ने उन्हें छुटवाया नहीं और न ही कोई कार्रवाई की। उनका कहना है कि बाउंसर मारपीट करने के बाद टोल के कार्यालय में जाकर छुप गए। मारपीट में टोल पर जाम लग गया। घटना की सूचना तुरंत मधुबन पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और टोल फ्री करवा कर जाम खुलवाया।
टोल पर बढ़ रहे हैं झगड़े
टोल प्लाजा पर दिन-प्रतिदिन झगड़े बढ़ते जा रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि टोल के कर्मचारी वाहन चालकों के साथ बदतमीजी करते हुए मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में दो बड़े मारपीट के मामले समाने आ चुके हैं और टोल कर्मचारियों के खिलाफ मामले दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि टोल पर मारपीट की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए। जांच अधिकारी महासिंह ने बताया कि बसताड़ा टोल प्लाजा पर मारपीट होने की सूचना मिली थी। फिलहाल लिखित में कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।