ग्रामीणों की नंदीग्राम को शिफ्ट करने की मांग, सीनियर डिप्टी मेयर बोले- कुछ लोग गोशाला, नंदीग्राम को बंद कराना चाहते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
गांव फूसगढ़ स्थित नगर निगम द्वारा बनाए गए नंदीग्राम में गोवंश की मौत का मामला गर्मा गया है। एक तरफ गांव के लोग मृत गोवंश को समय पर नहीं उठाने से गुस्साए हुए हैं और इसे शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नंदीग्राम संचालक और सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग इसे ‘राजनीति’ करार दे रहे हैं। गर्ग का दावा है कि कुछ लोग गोशाला और नंदीग्राम को बंद कराना चाहते हैं, इसलिए ही हंगामा किया जा रहा है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले नंदीशाला के बदतर हालात की एक वीडियो वायरल हुई थी। इसमें मृत गोवंश को दिखाया गया था, जो कई दिन से नहीं उठाए गए। मामला उजागर होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। वहीं, सूचना मिलने पर युवा बोलेगा मंच के सदस्य भी नंदीशाला पहुंचे और मुआयना किया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण भी एकजुट हो गए। युवा बोलेगा मंच के सदस्यों ने नंदीशाला के हालात को लेकर सीनियर डिप्टी मेयर और नंदीशाला संचालक कृष्ण गर्ग के साथ बहस भी की।
युवा बोलेगा मंच करनाल के अध्यक्ष रवि भाटिया ने कहा कि हम सभी इसके खिलाफ आवाज उठाएंगे। वहीं साहिल गिरधर व दिनेश बक्शी ने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए वे इस मामले को गंभीरता से लें। गांव फूसगढ़ के लोगों ने भी आरोप लगाए। गीता, कमला देवी, सोमी ने आरोप लगाया कि पशुओं की देखभाल सही नहीं हो रही है, इसलिए गाय और नंदी मर रहे हैं। मरने के कई दिन बाद भी पशुओं को उठाया नहीं जाता है, इससे बदबू आती रहती है और पूरे गांव के लोग परेशान होते हैं।
इस दौरान करण गिरधर, तरावड़ी उपाध्यक्ष सन्नी सचदेवा, प्रतीक धवन, राज सोनी, किरण रानी, रूही कपूर, संजू मलिक, लवप्रीत सिंह, अमित राणा, अमनदीप, सुभाष, रवि दत्त, शुभम मंडल आदि मौजूद रहे।
नंदीशाला और गोशाला को लेकर कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। गोवंश की मौत चारे की कमी से नहीं है, बल्कि ये स्वाभाविक मौत है, जो गोवंश यहां पर लाया जाता है, उनमें कई गायें और नंदी बीमार होते हैं, साथ ही बूढ़े भी हो चुके होते हैं। मृत गोवंश को उठाने का कार्य ठेकेदार को सौंपा गया है पिछले दो दिन से वह आया नहीं था, इसलिए नहीं उठाया जा सका। हमारी तरफ से गोशाला और नंदीशाला को चलाने के लिए भरसक प्रयास किये जा रहे हैं। शहरवासियों से भी अपील है कि वे इनको चलाने में मदद करें। जहां तक गोवंश के स्वास्थ्य की बात है तो इसको लेकर रोजाना पशु चिकित्सक यहां पर आते हैं। ग्रामीणों के विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि नगर निगम का ग्रामीणों के साथ जमीन का केस चल रहा है, इसलिए ही वे विरोध कर रहे हैं। -कृष्ण गर्ग, सीनियर डिप्टी मेयर और नंदीग्राम संचालक।