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नपा की कोशिशें नाकाम, नहीं हट रहा अतिक्रमण

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नपा की कोशिशें नाकाम, नहीं हट रहा अतिक्रमण
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-घरौंडा में रेलवे रोड पर अतिक्रमण के कारण रहता जाम
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। नगरपालिका लाख कोशिशों के बावजूद भी शहर को अतिक्रमण से मुक्ति दिलाने में असफल दिखाई दे रही है। नगरपालिका अतिक्रमण हटाओ अभियान तो चलाती है, लेकिन उसका रत्तीभर भी असर अतिक्रमणकारियों पर दिखाई नहीं देता। जैसे ही नगरपालिका के अधिकारी अतिक्रमण हटाते हुए आगे बढ़ते हैं, वैसे ही दुकानदार अपनी दुकानों का समान बाहर सड़कों पर रखते रहते हैं। नपा प्रशासन की ढीली कार्रवाई कब्जाधारियों के हौसलों को बढ़ाती है और शहर में अतिक्रमण बदस्तूर जारी रहता है। नगरपालिका शहर की सुंदरता को चार चांद लगाने के प्रयास में जुटी हुई है, लेकिन दूसरी अतिक्रमणकारी शहर की सुंदरता को ग्रहण लगाने का काम कर रहे है। सर्विस लेन दुकानों के आगे बने फुटपाथ पर दुकानदारों ने शैड लगाकर स्थाई रूप से कब्जा कर रखा है। फुटपाथ पर चलने के लिए कोई जगह न होने के कारण राहगीरों को सड़कों के ऊपर ही चलना पड़ता है। इससे कोई भी तेज रफ्तार वाहन उनको साइड मारकर चला जाता है। इसका खामियाजा लोगों को अपनी जान दांव पर लगाकर चुकाना पड़ता है। निवासी राजेंद्र सिंह, संदीप कुमार, पुष्विंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रजत कुमार, दिव्यम, प्रदीप कुमार, सतपाल सिंह, प्रवीन कुमार, प्रमोद आदि का कहना है कि शहर का रेलवे रोड हो या मेन बाजार, तकिया मार्किट हो या सर्विस लेन शहर में ऐसा कोई स्थान नही है। मेन बाजार में दुकानदार अपनी दुकानों के होर्डिंग और सामान को कई-कई फुट बाहर रख देते हैं। नतीजन, गलियां सिकुड़ कर कुछ फुट की रह जाती है। यहीं हाल रेलवे रोड का भी है। दुकानदार एक-दूसरे की देखा देखी सामान को सड़क पर आगे रखते रहते हैं और दुकानदारों की इस आपसी प्रतिस्पर्धा से परेशानी राहगीरों को उठानी पड़ती है।
बाक्सफुटपाथों को बना लिया है पार्किंग
शहरवासियों का कहना है कि जो फुटपाथ लोगों के चलने के लिए बनाया गया है, लेकिन अतिक्रमणकारियों ने उसे भी अपनी जागीर समझ लिया है। लोगों की लंबी-लंबी कारें व बाइकें फुटपाथ पर पूरा दिन खड़ी रहती है और लोग चलने के लिए सड़क का सहारा लेना पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर जिन रेहड़ी चालकों को नगरपालिका ने अस्थाई जगह उपलब्ध करवाने के आश्वासन के बाद रेलवे रोड से हटाया था, वे ही आज रेलवे रोड पर रेहड़ी लगाए खड़े रहते हैं।
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लचीलापन अतिक्रमण का कारण
शहरवासियों का कहना है कि नगरपालिका अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई भी पुख्ता कार्रवाई अमल में नहीं लाती है। नपा कर्मचारी सामान उठाकर तो चले जाते हैं, लेकिन कुछ ही देर में सामान वापस भी ले आते हैं। अगर जुर्माना वसूला जाता है, तो वह भी नाम मात्र होता है। नगरपालिका प्रशासन का यही लचीलापन अतिक्रमणकारियों के हौंसला को बढ़ाता है और शहर अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाता। यदि नगरपालिका शहर को अितिक्रमण मुक्त करना चाहती है तो मोटे जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लानी होगी। अन्यथा, नगरपालिका के अतिक्रमण हटाओ अभियान मात्र खानापूर्ति का माध्यम रह जाएंगे।
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-नगरपालिका समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाती रहती है। फुटपाथ पर कोई समान रखता है तो वह भी अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। फुटपाथ राहगीरों के चलने के लिए है, उस पर अतिक्रमण नहीं किया जा सकता। शहर में अतिक्रमण को हटाने के लिए दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए है, जिसमें तीन दिन का समय दिया गया है। साथ ही अतिक्रमण हटाने की अपील भी की है। यदि उसके बावजूद दुकानदार अपना सामान नहीं हटाते हैं तो अभियान चलाया जाएगा और पुख्ता कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-देवेंद्र नरवाल, सचिव, नगरपालिका घरौंडा।
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