अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। नियम 134ए के तहत होने वाले दाखिलों को लेकर अभिभावकों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। पहले ऑनलाइन सिस्टम के कारण उन्हें आवेदन फार्म जमा कराने को चक्कर काटने पड़ रहे थे। अब एसआरएन यानी स्कूल रजिस्ट्रेशन नंबर न होने के कारण बच्चों के फार्म जमा नहीं हो रहे। होता यूं है कि अभिभावक आवेदन फार्म जमा कराने सेंटर पर पहुंचते हैं। लेकिन फार्म पर एसआरएन न होने के कारण उनका फार्म जमा नहीं हो पाता। इधर जब वे स्कूल से बच्चे का एसआर नंबर लेने जाते हैं। तो स्कूल संचालक भी नंबर देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यह है एसआर नंबर
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का डाटा ऑनलाइन किया हुआ है। पहली से 12वीं कक्षा तक प्रत्येक बच्चे का रिकॉर्ड एमआईएस यानी मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम पर फीड है। यहां एसआर नंबर को आधार कार्ड से भी लिंक किया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि एक बच्चे का एक से ज्यादा स्कूलों में दाखिला न हो और विभाग के पास भी उसका रिकॉर्ड रहे।
इसलिए एसआर नंबर देने में स्कूल कर रहे आनाकानी
एसआरएन नंबर अभिभावकों को न देने के पीछे स्कूलों के दो कारण सामने आए हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष पवन राणा ने बताया कि कई अभिभावकों की बच्चों की फीस पेंडिंग रहती है। ऐसे में नए सत्र में अभिभावक पिछली फीस देने की बजाय बच्चों का स्कूल बदल लेते हैं। इसलिए भी कई स्कूल संचालक बच्चों का एसआर नंबर नहीं देते। इधर कुछ अभिभावकों का कहना है कि स्कूल संचालक बच्चों को जानबूझ कर दूसरे स्कूल में नहीं जाने देना चाहते।
3192 सीटों पर आए 3407 आवेदन
करनाल खंड में 113 स्कूलों में कक्षा दूसरी से 12वीं तक 3192 सीटें नियम के तहत आरक्षित हैं। सबसे ज्यादा कक्षा दूसरी में 617 सीटें हैं, इसलिए इस कक्षा में दाखिलों के लिए भी सबसे ज्यादा 590 आवेदन आए हैं। बीईओ करनाल की ओर से कक्षा दूसरी से आठवीं तक के दाखिलों के लिए आवेदन पत्र रेलवे रोड स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल व कक्षा नौवीं से 12वीं तक के आवेदन पत्र रेलवे रोड स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जमा किए जा रहे हैं। सभी कक्षाओं के अब तक कुल 3407 आवेदन आ चुके हैं।
113 स्कूलों में 3192 सीटों पर दाखिला होना है। अभी तक 3407 आवेदन आए हैं। आवेदन फार्म पर बच्चे का एसआर नंबर होना जरूरी है। बिना इसके फार्म स्वीकार नहीं किए जा सकते। -चंद्रेश विज, बीईओ करनाल