अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मार्केटिंग बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर विभाग ने एक और सख्त कदम उठाया है। अब सड़क के साथ साथ पहले बरम बनानी होगी, इसके बाद ही बरम की पेमेंट ठेकेदार को की जाएगी। इसके साथ ही ये भी आदेश दिये हैं कि बोर्ड द्वारा बनाई जाने वाली हर सड़क पर संकेतक बोर्ड लगाया जाएगा, जिस पर सड़क कब बननी शुरू हुई और कब तक उसकी समय अवधि है। इस पर विभाग के अधिकारी का नंबर भी लिखा जाएगा, ताकि अगर कोई शिकायत हो तो लोग इस पर सूचना दे सकें। बता दें कि प्रदेश के सीएम मनोहर लाल के पास पिछले काफी समय से मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगत की शिकायतें आ रही थी। शिकायतें ये भी थी कि दोनों मिलीभगत करके घटिया स्तर की सड़कें बना रहे हैं जो समय से पहले ही या तो टूट रही हैं या फिर टूट जाएंगी। लगातार फीडबैक लेने के बाद सीएम ने आदेश दिए कि प्रदेशभर मेें मार्केटिंग बोर्ड की सभी सड़कों के सैंपल लिये जाएं। इसके बाद प्रदेश सरकार के तकनीकी सलाहकार विशाल 6 जुलाई को करनाल पहुंचे और गोंदर से गोबिंदगढ़ की सड़क के सैंपल लिये थे। इस सड़क के सैंपल फेल पाए गए, इस पर जेई जितेंद्र कुमार, एसडीओ बिजेंद्र सिंह को सस्पेंड किया गया है, जबकि एक्सईएन विनय रावल समेत तीनों अधिकारियों को चार्जशीट भी किया है।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने इस मामले का खुलासा किया था कि बोर्ड द्वारा बनाई गई सड़कों के साथ बरम नहीं बनाई जा रही हैं, जबकि हर सड़क के साथ तीन तीन फुट की बरम बनाई जाती हैं। मिलीभगत करके बिना बरम बनाए ही ठेकेदारों को पेमेंट की जाती हैं। इस पर बोर्ड के मुख्य प्रशासक मनदीप सिंह बराड़ ने सख्ती दिखाई और आदेश दिये कि लापरवाही और गड़बड़ी बर्दास्त नहीं की जाएगी। साथ ही बरम को लेकर भी चेताया कि बरम बनाने के बाद ही ठेकेदारों को पेमेंट की जाए।
लालूपुरा और रायतखाना से रामपुरा पर अब कोई कार्रवाई नहीं
बता दें कि गांव अमृतकलां से लेकर लालुपुरा की करीब सवा करोड़ रुपये की सड़क और लालुपुरा से मेरठ रोड की सड़क पर भी क्वालिटी को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि यहां पर सही प्रकार से सड़क नहीं बनाई गई है, बल्कि सड़क पर हिचकोले लगते हैं। बार बार शिकायत पर भी अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं किया। इसी प्रकार, इंद्री के गांव रायतखाना से लेकर रामपुरा जाने वाली सड़क पर बरम नहीं बनाई गई, जबकि ड्राइविंग क्वालिटी भी सही नहीं है। इन दोनों सड़कों को लेकर विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसई महेंद्र सिंह का कहना है कि मैंने दोनों सड़कें चेक की हैं, अधिकारियों व ठेकेदारों को इन्हें ठीक करने के आदेश दिए हैं, हालांकि अधिकारियों पर कार्रवाई के नाम पर उनके पास कोई जवाब नहीं है।
एसई ने मीटिंग लेकर दिये निर्देश, हर सड़क पर लगाया जाएगा संकेतक बोर्ड
इस बारे में एसई महेंद्र सिंह ने बाकायदा स्टाफ के अधिकारियों की बैठक ली और पूरे मामले पर चर्चा की। एसई ने आदेश दिये कि सड़कों में किसी भी तरह से चूक नहीं होनी चाहिए। ड्राइविंग क्वालिटी से लेकर सामग्री लगाने तक में कहीं पर समझौता नहीं किया जाएगा। एसई ने यह भी आदेश किये कि बोर्ड जो भी सड़क बनाएगा उस संकेतक बोर्ड लगाएगा। इस पर सड़क को लेकर पूरी जानकारी लिखी जाएगी।