अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। दो दिन पहले हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा गोल्डन मूवमेंट्स रेस्टोरेंट के पास लगती जमीन को कब्जामुक्त कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामला इसलिए भी गरमाया गया है कि क्योंकि हुडा द्वारा खाली कराई गई जमीन के लिए कोई भी बोलीदाता नहीं आया।
एक बार फिर से गोल्डन मूवमेंट्स के संचालक सुनील बिंदल ने मीडिया के सामने आकर हुडा की संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा सांगवान, उनके पति एसडीओ थर्मल प्लांट पानीपत और हुडा के ही फील्ड चौकीदार भीम सिंह पर भ्रष्टाचार समेत गंभीर आरोप जड़े हैं।
आरोप है कि जेसीबी चलाने से पहले भीम सिंह की ओर से मामले को ले-दे कर रफा दफा करने की कोशिशें की गईं, लेकिन बिंदल का दावा है कि वे न तो पैसे देने को तैयार हुए और न ही पीछे हटने को। इसलिए रंजिशन ये कार्रवाई की गई। इस जमीन को वे फीस अदा करके प्रयोग करते थे, विभाग ने उसे खाली करा लिया।
पत्रकारवार्ता में सुनील बिंदल ने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं हुडा विभाग ने अदालत के आदेशों को भी दरकिनार करते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया। बिंदल का दावा है कि अकेले उनके साथ लगती जमीन पर कार्रवाई की गई है, जबकि सेक्टर 12 में ही ऐसे चार से पांच साइट हैं, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि हुडा के एक कर्मचारी जब उनके रेस्टोरेंट में घुसा तो उन्होंने उसे पकड़ लिया और पुलिस को बुलाया, उल्टा उनके खिलाफ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया गया।
उधर, संपदा अधिकारी अनुपमा सांगवान ने सुनील बिंदल के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खंडन किया। साथ ही कहा कि अगर उनके पास सबूत है तो दिखाएं। साथ ही दावा किया कि बिंदल उनको ह्रास कर रहे हैं।
जिसका धंधा चौपट होगा, वो तो आरोप लगाएगा ही : भीम सिंह
इस बारे में हुडा के फील्ड चौकीदार भीम सिंह ने सुनील बिंदल के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि पिछले कई साल से सुनील बिंदल का धंधा चल रहा था, लेकिन अब बंद हो गया है तो इस प्रकार के आरोप तो लगाएगा ही। मैंने कभी किसी पर पैसे के लिए कोई दबाव नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि सुनील बिंदल के आरोपों में दम नहीं है, जानबूझ कर वे इस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं।
पैसे लेने के लिए हमें किया जा रहा ह्रास, फिर जाएंगे अदालत : बिंदल
इस मामले में रेस्टोरेंट संचालक सुनील बिंदल का आरोप है कि उसे संपदा अधिकारी डॉ. अनुपमा सांगवान द्वारा ह्रास किया जा रहा है। यह सारी कार्रवाई रंजिशन की जा रही है, क्योंकि मैंने किसी के दरबार में मत्था नहीं टेका। संपदा अधिकारी के पति व हुडा के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी भीम सिंह ने लगातार मुझ पर पैसे लेने के लिए दबाया। मैं पिछले 12 साल से इस जमीन का प्रयोग कर रहा हूं और बकायदा इसी फीस अदा करा रहा हूं, लेकिन संपदा अधिकारी ने इसे जानबूझकर बंद कर दिया। हमने संपदा अधिकारी के रैवये के चलते अदालत की शरण ली है और मैंने अधिकारी पर अदालत की अवमानना का केस किया है। इसके अलावा, अब एक और केस ह्रासमेंट का डाला जाएगा।
सब कुछ कानून के दायरे में रहकर किया : डॉ. सांगवान
डॉ. अनुपमा सांगवान ने कहा कि गोल्डन मूवमेंट रेस्टोरेंट द्वारा सुपर मॉल के पीछे की साइट की 5 हजार रुपये की बुकिंग की जाती थी और शादी और अन्य समारोह के आयोजन के लिए दूसरी साइट पर टेंट लगाकर गैर कानूनी गतिविधि को अंजाम दिया जाता था। इस संबंध में विभाग के पास पर्याप्त संख्या में सबूत उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि 5 हजार रुपये देकर समारोह के लिए बुकिंग केवल निजी प्रयोग के लिए की जा सकती है। बुकिंग साइट को आगे सबलेट करके उससे कई गुणा राशि वसूल करना एक अपराध है। सीएम विंडो पर शिकायत के आधार पर आला अधिकारियों के निर्देशानुसार कब्जा हटाया गया है। सुनील बिंदल द्वारा मेरे खिलाफ कई स्थानों पर झूठी शिकायतें की गई हैं, ये केवल मुझे ह्रास करने की कोशिश की है।