किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने दोषी को 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।
निसिंग थानाक्षेत्र से छह मार्च 2019 को एक किशोरी लापता हो गई थी। परिजनों ने आसपास के लोग और रिश्तेदारों से पता किया, मगर किशोरी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने डाचर के गुरमीत सिंह पर शक जताया। शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद 21 मार्च को किशोरी को बरामद कर लिया। पुलिस को दिए बयान में किशोरी ने बताया था कि आरोपी गुरमीत ने जेब से रुमाल निकालकर उसके मुंह पर रख दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी उसे साथ ले गया और पिस्तौल के बल पर डरा धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी के बयान पर पुलिस ने आरोपी युवक को 23 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद आरोपी के घर से पुलिस ने तमंचा भी बरामद कर लिया। जिला न्यायवादी डॉ. पंकज ने बताया कि इस मामले में गवाहों एवं सबूतों के आधार पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेणु राणा की अदालत ने गुरमीत को दोषी करार दिया है। उन्होंने बताया कि गंभीर मामलों में दोषियों को अधिक से अधिक सजा दिलाने का भरसक प्रयास रहता है। दोषियों को सजा मिलने से समाज में भी सकारात्मक संदेश जाता है।