संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर के सेक्टर-35 स्थित राजदरबार कंपनी के प्रोजेक्ट में पांच प्लाट बुकिंग करने का झांसा देकर कंपनी के दो कर्मचारियों ने दो व्यक्तियों से 20 लाख रुपये की ठगी कर ली। राशि वापस मांगी तो टालते रहे। इसके बाद चेक थमा दिए, जो बाउंस हो गए। सेक्टर 32,33 थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विकास कॉलोनी निवासी अमित बडसर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनको सेक्टर-35 में राजदरबार कंपनी के प्रोजेक्ट के प्लॉट बिकने की जानकारी मिली थी। वह अपने मामा के लड़के रूपेंद्र कुमार के साथ प्लॉट देखने गए। वहां दीपक नामक कर्मचारी मिला। उसने प्लाट दिखाकर बुकिंग के लिए सेक्टर-32 स्थित मुख्य कार्यालय आने के लिए कहा।
शिकायत के अनुसार, 27 अक्तूबर, 2025 को अमित और रूपेंद्र कुमार सेक्टर-32 स्थित उधम सिंह चौक के पास कंपनी के ऑफिस पहुंचे। वहां दीपक और सागर नाम के कर्मचारी मिले। दोनों ने उन्हें प्लाट नंबर 48-बी, 68, 69, सी, डी-77 और 76 की बुकिंग की बात की। बुकिंग के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये का चेक जमा करवाने के लिए कहा। उन्होंने 15 लाख रुपये नकदी और पांच लाख का चेक दे दिया। आरोपियों ने उन्हें हस्ताक्षर करके रसीद दे दी।
बीती 10 जनवरी को जब शिकायतकर्ता दोबारा सेक्टर-35 स्थित कंपनी कार्यालय पहुंचे तो गार्ड ने बताया कि दीपक और सागर नौकरी छोड़ चुके हैं। फोन किया तो उन्होंने दो तीन दिन में रुपये देने का आश्वासन दिया। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाने बंद कर दिए। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी सतीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजदरबार कंपनी के मैनेजर सागर व दीपक के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है।
शिकायत करने पर दिए थे चेक
शिकायतकर्ता अमित बडसर ने बताया कि उन्होंने बीती 13 जनवरी को थाना सेक्टर 32-33 में शिकायत दी थी। मामले की जांच एसआई विनोद कुमार के पास थी। जांच के दौरान सागर ने 10 फरवरी को 4 लाख 50 हजार रुपये चेक दिया था। बाकी 10 लाख 50 हजार रुपये और 5 लाख का चेक दीपक और कंपनी के पास होने की बात कही थी। सागर का दिया चेक बैंक में लगाया तो खाते में रुपये नहीं होने के कारण बाउंस हो गया।