हरिद्वार से स्नान कर लौट रहे श्रद्धालुओं की पिकअप और इक्को की आमने सामने की टक्कर, सास-बहू की मौत, आठ गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। हरिद्वार से स्नान कर घर वापस लौट रहे मूंड गांव के श्रद्धालुओं की पिकअप गाड़ी असंध करनाल रोड स्थित जयसिंहपुरा के पास मोड पर सामने से आ रही इक्को गाड़ी से टकरा गई। हादसे में सास-बहू की मौत हो गई। जबकि गाड़ी चालक और एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में दाखिल कराया गया। जहां से हालत गंभीर होने पर दो लोगों को खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया गया। जबकि पांच लोगों को उपचार के बाद असंध के राजकीय अस्पताल भेज दिया गया है।
असंध पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त गाड़ियों को भी कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। गांव मूंड निवासी रामकिशन का परिवार हरिद्वार गंगा में स्नान करने के बाद वापिस अपने गांव मूंड लौट रहा था। जैसे ही उनकी गाड़ी बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे असंध करनाल रोड स्थित गांव जयसिंहपुरा के पास मोड पर पहुंची तो वह सामने से तेज गति से आ रही इक्को गाड़ी से टकरा गई। इससे दोनों गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में गाड़ी सवार रामकिशन सहित उसकी पत्नी लिछमी, बेटा बलवान उर्फ भाना, भतीजा हरि सिंह, भतीजे की पत्नी दर्शनी, पोता सचिन, पड़पौत्र अंकित सहित गाड़ी चालक बिट्टू वासी अरड़ाना गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया। जहां डॉक्टरों ने लिछमी देवी को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर रूप से घायल दर्शनी और बलवान को पीजीआई खानपुर कलां सोनीपत रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान दर्शनी ने भी दम तोड़ दिया। जबकि बलवान का इलाज वहां चल रहा है। वहीं घायल बिट्टू अस्पताल के ट्रामा सेंटर में दाखिल है और हरि सिंह, सचिन और अंकित का इलाज असंध के सरकारी अस्पताल में चल रहा है। असंध पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त गाड़ियों को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव से गए थे 20 श्रद्धालु
गांव से हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए मंगलवार सुबह 20 श्रद्धालु गए थे, जिनमें से 12 श्रद्धालु शिवरात्रि की कांवड़ लाने के लिए वहीं रह गए। जबकि एक ही परिवार के सात सदस्य और गाड़ी चालक वापस आ रहे थे। इसी दौरान घर पहुंचने से करीब 12 किलोमीटर दूरी पर यह हादसा हो गया। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके परिवार के दो सदस्यों की हरिद्वार की आखिरी यात्रा होगी।
एक साथ दो मौत होने से गांव में छाया मातम
गांव मूंड में एक साथ एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। गांव में जब हादसे का पता लगा तो गांव में चुल्हा भी नहीं जला। वहीं मृतकों के घर गांव के लोगों का तांता लगा रहा। हादसे के बाद गांव के लोग यही चर्चा कर रहे थे कि भगवान के दर्शन करने गए थे, मौत के दर्शन करा दिए। देर शाम तक गांव में लोग शव आने का इंतजार करते रहे।