फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफसरों के घर से बाहर नहीं निकल पाए बिजली मीटर, निगम खड़े किए हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
अफसरों के घर से बाहर नहीं निकल पाए बिजली मीटर, निगम खड़े किए हाथ
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आम उपभोक्ताओं के घर से बिजली मीटर बाहर निकालने में जुटे निगम अफसरों के घरों से मीटर बाहर निकालने में फेल हो गया है। एक सप्ताह के अंदर जिले के सभी अधिकारियों के घर में लगे बिजली मीटर को निकालना तो दूर, निगम अधिकारियों के घर से एक मीटर भी बाहर नहीं लगा। अभियान शुरू करने से पहले ही निगम अधिकारियों ने हाथ खड़े कर लिया और अब मीटर निकालने की कार्रवाई को संबंधित विभाग के पाले में डाल दी है। साथ ही बिजली निगम ने डीसी को पत्र लिखकर सभी विभाग को आदेश देने का निवेदन किया है।
विदित हो कि 5 जुलाई को कष्ट निवारण समिति की बैठक में सीपीएस डॉ. कमल गुप्ता ने आदेश दिया था कि एक सप्ताह के अंदर जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों के घरों में लगे बिजली मीटर को बाहर निकाला जाए, यदि कोई अधिकारी एक सप्ताह के अंदर अपना बिजली मीटर बाहर नहीं निकालता, तो उस अधिकारी पर बिजली वितरण निगम उचित कानूनी कार्रवाई करे।
विज्ञापन

सीपीएस ने यह आदेश आम उपभोक्ता और अधिकारियों के बीच समानता लाने के लिए दिया था। क्योंकि आम उपभोक्ता हमेशा यह आरोप लगाते रहे हैं कि बिजली निगम उन्हें चोर समझकर उनके घरों से तो मीटर निकाल रहे हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जबकि सबसे ज्यादा बिजली चोरी यहीं पर होती है। मीटर निकालने की कोई कार्रवाई न करने पर निगम अधिकारियों का तर्क है कि ज्यादातर अधिकारी प्राइवेट घरों में रहते हैं, जिसकी जानकारी निगम के पास नहीं है। इसलिए संबंधित विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वो सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से बिजली का मीटर घर से निकालने के संबंध में सर्टिफिकेट लें और मीटर को घरों से बाहर निकालना सुनिश्चित कराए।
अधिकारियों की रैंक देखकर घरों से निकाले जाते हैं मीटर-
घरों में लगे मीटर निकालने का नियम आम और खास सबके लिए बराबर है, लेकिन इसके बाद भी मीटर घर से बाहर करने की कार्रवाई अधिकारियों की हैसियत व रैंक देखकर किया जाता है। शहर में कर्मचारियों व छोटे अधिकारियों के लिए बनाए गए सरकारी कॉलोनियों में मीटर घरों से बाहर निकल चुका है, वहीं ऑफिसर कॉलोनी में आज भी 90 फीसदी मीटर घरों के अंदर ही है। हालांकि डीसी, एसपी, एडीसी जैसे अधिकारियों के बंगले में लगे मीटर तो बाहर हो चुके हैं, लेकिन इनसे निचले तबके के अधिकारियों के घरों में आज भी मीटर अंदर ही हैं। निगम अधिकारी इन अधिकारियों के घरों लगे मीटर को बाहर करने की आज तक कोई पहल ही नहीं की।
आम जनता में भी कई खास पर निगम मेहरबान
- बिजली मीटर घर से निकलाने में निगम द्वारा मिलने वाला स्पेशल ट्रीटमेंट सिर्फ अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है। शहर में आम लोगों के बीच रहने वाले कई खाश लोगों को भी इसी तरह का स्पेशल ट्रीटमेंट मिला हुआ है। माल रोड, चौधरी कॉलोनी, मॉडल टाउन जैसे इलाकों में बनी कई कोठियों में आज तक बिजली का मीटर घर के बाहर नहीं निकल पाया। इसी तरह शहर की अन्य कॉलोनियों व सेक्टरों में बनी नेताओं व अधिकारियों की बड़ी कोठियों में भी बिजली मीटर आज तक घर के अंदर ही कैद है।
विज्ञापन

शहर के ज्यादातर अधिकारी प्राइवेट घरों में रहते हैं, वे कहा रहते हमें इसकी जानकारी नहीं। इसलिए हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। इस संबंध में डीसी को पत्र लिखकर कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश देने का निवेदन किया गया है। साथ ही यह विभाग की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने अधिकारियों से यह सार्टिफिकेट लें कि उन्होंने बिजली मीटर घर से बाहर निकाल दिया है।
- एके रहेजा, एसई, बिजली निगम, करनाल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें