लीड खबर -निगम की अधूरी तैयारी से बरसात झेलने को तैयार सीएम सिटी
- 15 जून तक नालों की सफाई करने का दावा करने वाला नगर निगम अब 1 जुलाई तक सफाई कार्य पूरा करने का रखा लक्ष्य, नालों में गाद जमा होने के कारण हो सकता है जलभराव
फोटो संख्या- 16,17
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। आने वाले 18 दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के सभी जिले को बारिश से सराबोर करने वाली है। बारिश के समय सीएम सिटी के कई इलाकों में नालों व नालियों में जल भराव के कारण बाढ़ सी स्थिति निर्मित होती है। इसके बावजूद नगर निगम अभी तक इन नालों तथा नालियों की सफाई का काम पूरा नहीं करा सका है। जबकि दो माह पहले डीसी मंदीप सिंह बराड़ की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगम अधिकारियों ने दावा किया था कि 15 जून तक नाले-नालियों के सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। जबकि अभी शहर के आधे से ज्यादा नाले-नालियों में कचरा जमा है, जो जलभराव का मुख्य कारण बनता है। हालांकि निगम अधिकारियों द्वारा अब कहा जा रहा है कि 1 जुलाई तक सफाई कार्य पूरा हो जाएगा, जबकि मौसम विभाग के अनुसार मानसून 28 जून को ही दस्तक दे देगी। वहीं दो माह में शहर के 50 फीसदी नाले-नालियों की सफाई करने वाला नगर निगम 20 दिन में बाकी बचे नाले-नालियों की सफाई करने का दावा भले ही जता रहा हो, लेकिन इसकी संभावना कम ही नजर आती हैं।
शहर के मुगल कैनाल, राम नगर, मॉडल टाउन स्थिति वाल्मीकि बस्ती, हांसी रोड के पास स्थिति नाले शहर के ऐसे नाले हैं जो बारिश के दिनों में लोगों के लिए मुसीबत बन जाते हैं। भारी बारिश के दिनों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान इन बड़े नालों ने साफ-सफाई न होने और अतिक्रमण के कारण शहर में ऐसा कहर ढाया है जिनसे दर्जनों मकानों टूटे हैं और लाखों रुपए की क्षति हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद भी निगम ने लोगों को बाढ़ की समस्या से निजाद दिलाने के लिए समय पर कोई व्यवस्था करना जरूरी नहीं समझा। लापरवाही का आलम यह रहा कि अप्रैल महीने के पहले सप्ताह में ही नालों के सफाई की कार्ययोजना तैयार की गई, बैठक लेकर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए, लेकिन परिणाम सिफर ही नजर आता है। अब निगम को सफाई के लिए दिन कम पड़ने लगे हैं, जिस कारण 15 जून तक सभी नाले-नालियों की सफाई करने का दावा करने वाला निगम अब 1 जुलाई तक सफाई कार्य समाप्त करने की बात कह रहा है। हालांकि अब तक शहर के 2-3 बड़े नालों की ही सफाई हो चुकी है, लेकिन मुसीबत का सबब बनने वाले शहर के 15 छोटे व बड़े नालों- नालियों में सफाई कार्य की शुरुआत नहीं हो पाई है। इनमें से कई नालियां शहर के बीचों-बीच बहती हैं, जिनमें अभी 2 से 4 फीट तक मलबा जाम पड़ा हुआ है, जो बारिश शुरू होते ही निगम और शहरवासियों के लिये मुसीबत बन सकता है।
नालों की सफाई के लिए अभी भी छोड़ा जा रहा टेंडर
मानसून 18 दिन बाद दस्तक देने वाला है, लेकिन नगर निगम अभी नालों की सफाई के लिए टेंडर छोड़ने में लगा है। निगम अधिकारियों के अनुसार एक-दो टेंडर हाल में छोड़े गए हैं, बाकि टेंडर भी एक दो दिन में छोड़ा जाएगा। निगम शहर के छोटे नालों-नालियों की सफाई मेन्युअल तरीके से मजदूरों द्वारा कराएगा। जबकि बड़े नालों को पोकलेन और जेसीबी के जरिए सफाई की जाएगी। टेंडर लेने वाले ठेकेदारों को 1 जुलाई तक सफाई कार्य पूरा करने का टारगेट दिया जाएगा।
तय समय में काम मुश्किल
शहर में करीब 15 नाले हैं, जो हर साल बाढ़ की वजह बनते हैं। इन नालों को लेकर अगर समय पर सफाई की योजना बनाई जाती तो लोगों को समस्या से गुजरना नहीं पड़ता। काफी देर से सफाई कार्य शुरू किया गया है। इसको देखते हुए मानसून से पहले नालों की सफाई हो पाना अब मुश्किल दिखाई दे रहा है। निगम अधिकारियों ने भी माना कि देरी हुई है, लेकिन इसका कारण है एक माह पूर्व डेरा सच्चा सौदा द्वारा शहर में चलाया गया सफाई अभियान। एक निगम अधिकारी ने बताया कि हम मान चुके थे कि इस सफाई अभियान में शहर के सभी नाले-नालियां साफ हो जाएंगे, लेकिन ऐसा न हो सका। इसलिए हमें देरी से ही , लेकिन फिर से सफाइ्र अभियान शुरू करना पड़ा। 50 फीसदी कार्य पूरा
नाले-नालियों के साफ-सफाई का कार्य लगभग 50 फीसदी पूरा हो गया है, बाकि बचा कार्य भी 1 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। पिछले साल हमने व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाकर सभी नालों को साफ करवाया था, इसलिए अभी भी कई नाले साफ हालात में हैं। जिसके कारण जलभराव की समस्या नहीं होगी।- धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम