संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ने, निर्धारित मापदंडों को पूरा न करने और आयु दस्तावेजों के सही न पाए जाने के कारण प्रदेशभर के 33,307 लोगों की बुढ़ापा पेंशन बंद हो गई है। अब इन लोगों के भौतिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह शुरू होगी। यदि इसमें भी कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है तो उसे ब्याज समेत अभी तक ली गई पेंशन की रिकवरी भरनी होगी। करनाल में 1,852 लोग अपात्र पाए गए हैं। इनसे भी पेंशन के पैसे की रिकवरी 12 फीसदी ब्याज के साथ हो सकती है।
अपात्र लोगों को अभी तक सितंबर और अक्तूबर माह की पेंशन नहीं मिल पाई है। लोग लगातार अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि भौतिक सत्यापन पर भी यह व्यक्ति अपात्र पाए जाते है तो इनसे अभी तक विभाग से ली गई पेंशन की रिकवरी 12 प्रतिशत ब्याज सहित की जाएगी। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारियों की ओर से ऐसे लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में आय और सरकारी लाभ का डेटा अपडेट होने पर पता चला कि प्रदेश में करीब 34 हजार लोग गलत तरीके से पेंशन ले रहे है। उन परिवारों की सालाना आय, आयु दस्तावेज मापदंड अनुसार नहीं है। इनमें कई ऐसे लाभार्थी भी चयनित हुए है जो दो-दो पेंशन ले रहे है और जिनकी पति सरकारी नौकरी से रिटायर है फिर भी उनकी पत्नी बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रही है।
किस जिले में कितने लोग मिले पेंशन के अपात्र
जिला अपात्र
अंबाला 1012
कुरुक्षेत्र 1198
भिवानी 1310
महेंद्रगढ़ 1158
चरखी दादरी 366
मेवात 1649
फरीदाबाद 1288
पलवल 3134
फतेहाबाद 1620
पंचकूला 372
गुरुग्राम 505
पानीपत 1630
हिसार 2962
रेवाड़ी 1207
झज्जर 782
रोहतक 1157
जींद 3858
सिरसा 1846
कैथल 2953
सोनीपत 2739
करनाल 1852
यमुनानगर 1662
पेंशन के लिए निर्धारित आय
स्तर वार्षिक आय
विधवा एक लाख 80 हजार से तीन लाख तक वार्षिक आय
बुजुर्ग पेंशन एक लाख 80 हजार से तीन लाख तक वार्षिक आय
विधुर एक लाख 80 हजार से तीन लाख तक वार्षिक आय
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अपात्र पाए गए लोगों की पेंशन मुख्यालय की ओर से बंद की गई है। कार्यालय में 1,852 लोगों की सूची प्राप्त हुई है। इन लोगों का भाैतिक सत्यापन किया जाना है और दस्तावेजों की जांच की जानी है। इसमें भी यदि कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है तो उससे अभी तक ली गई पेंशन की ब्याज सहित रिकवरी की जाएगी। इसके लिए विभाग के कर्मचारियों ने नोटिस का प्रोफाॅर्मा भी तैयार कर लिया है। - जयपाल सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी