अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मॉडल टाउन स्थित कृष्णा पार्क भी बदहाल हो चुका है। यह पार्क सबसे पुराना है, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों का इस पार्क की ओर कोई ध्यान नहीं है। पार्क की बदहाली के कारण लोगों ने पार्क में आना भी बंद कर दिया है। पार्क के अंदर घास की कटाई न होने से पार्क जंगल बनता जा रहा है। इस कारण मच्छरों की तादाद बढ़ती जा रही है। मच्छरों के कारण पार्क में बैठा नहीं जाता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम ने पार्क तो बना दिए हैं पर उनका रखरखाव करना भूल गए हैं। काफी दिनों से पार्क के झूले टूटे हुए हैं, मगर अभी तक उनको ठीक नहीं कराया गया है। पार्क के झूले टूटने से बच्चों ने पार्क में आना बंद कर दिया है। जब ये झूले सही थे तो यहां बच्चों का तांता लगा रहता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मॉडल टाउन के सभी पार्कों का यही हाल है। पार्क के अंदर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश के मौसम में पार्क में पानी भर जाता है। इस कारण मच्छर पनप रहे हैं। शाम को पार्क के अंदर कुछ असामाजिक तत्व पार्क में अश्लीलता फैलाते हैं। उनको रोकने वाला कोई नहीं है।
झूले टूटने की वजह से बच्चे नहीं आते हैं पार्क में
राजेश और मोहन का कहना है कि पार्क में सभी झूले टूटे हुए हैं। इस कारण बच्चे पार्क में आने से मना करते हैं। जिस कारण बच्चों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है। अगर बच्चों को खेलने के लिए कुछ नहीं मिलेगा तो वो कभी भी पार्क में नहीं आएंगे।
कई महीनों से नहीं हुई है घास की कटाई
मनोज का कहना है कि पार्क में घास की कटाई न होने के कारण पार्क जंगल की तरह दिखने लगा है। मच्छर के साथ-साथ सांप आदि के आने का खतरा बना हुआ है। मच्छरों की वजह से पार्क में ज्यादा देर तक बैठा नहीं जाता है। बड़ी घास में टहलने में भी डर लगता है। बारिश का मौसम है क्या पता घास में सांप आदि छीपा हो। .
पार्क में है एक शौचालय, उसी पर है चौकीदार का कब्जा
राजेंद्र, अमर सिंह, देवराज का कहना है कि पार्क में पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। पार्क में एक छोटा सा शौचालय बना है जिस पर चौकीदार कब्जा करके बैठा हुआ है। लोगों को वहां पर पेशाब नहीं करने देता है। इससे सैर करने वाले लोगों की संख्या कम हो गई है।
बारिश का मौसम है। इसके बाद सभी पार्कों की घास की कटाई करा दी जाएगी और टूटे हुए झूले भी ठीक करा दिए जाएंगे। लोगों को भी चाहिए कि वह पार्क की देखरेख करें और सामान को टूटने न दें। -धीरज कुमार, ईओ, नगर निगम, करनाल।